खालिस्तान आंदोलन की शुरुआत ( भाग ३ )

  • जसपाल अटवाल अंतर्राष्ट्रीय सिख युवा संघ (आईएसआईएफ) के सदस्य रह चुके हैं. इस संघ की स्थापना साल 1984 में कनाडा में की गई थी और इस संघ का उद्देश्य भारत के सिखों के लिए एक अलग देश यानी खालिस्तान बना है ।

  • वहीं भारत सरकार ने इस संघ पर साल 2002 में  प्रतिबंध लगा दिया था ।

  • भारत के अलावा इस संघ पर ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका ने भी प्रतिबंध लगा हुआ है. इतना ही नहीं अटवाल और उनके साथियों पर साल 1986 में पंजाब के मंत्री मलकीत सिंह सिद्धू की हत्या करने का आरोप लगा था

  • इस आरोप में उनको 20 साल की सजा भी सुनाई थी लेकिन बाद में वो रिहा हो गए थे.

  • वहीं सिख भिंडरावाले को लेकर पंजाब के लोगों की अलग राय थी और वो भिंडरावाले को अपना नेता मानते थे. जिसके बाद उनकी मौत का बदला दो सिखों ने इंदिरा गांधी को मार डाला था.

  • इंदिरा गांधी की मौत के पश्चात दिल्ली में 1984 के सिख विरोधी हिंसा शुरू हो गई जिसमें कई सिख मारे गए.

  • खालिस्तानी के अलग-अलग संगठनों को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा पैसे दिए जाते हैं.

  •  इन पैसों के जरिए ISI भारत में आंतक फैलाना चाहती है और इस बात का खुलासा भारत की खुफिया एंजेसी द्वारा इसी साल 2018 में किया गया था.

  •  भारत के गृह मंत्रालय के अनुसार खालिस्तानी संगठनों की मदद ISI करता आया है.

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