सामाजिक प्रगति में इंटरनेट की सहभागिता में अफवाह का तंत्र

  • सामाजिक प्रगति में इंटरनेट की सहभागिता ने एक नया आयाम दिया है। इसके कारण वैश्विक संप्रेषण और संचार के साथ विविध कार्यों में पारदर्शिता और गति बढ़ी है।

  • इस पर आधारित सोशल मीडिया वैकल्पिक मीडिया की संकल्पना को पूरा करने की ओर बढ़ चुका है। हालांकि इसने आर्थिक और शैक्षिक आधार पर नीचे छूटे लोगों के दर्द को और बढ़ाया है।

  • देश में मोबाइल संख्या और इंटरनेट डाटा की खपत के आंकड़ों से इस तर्क को बल मिलता है कि बहुसंख्य परिवार सोशल मीडिया से कहीं न कहीं जुड़ा है। इस डिजिटलीकरण के दौर में जिन सक्षम हाथों में मोबाइल है, वे सभी पत्रकार हैं।

  • सीसीटीवी से लेकर मोबाइल से लिए वीडियो विभिन्न दुर्घटनाओं को सामने लाने में अभूतपूर्व भूमिका में हैं और मुद्दों को सुलझाने में साक्ष्य के तौर पर भी काम आने लगे हैं।

  • इन प्रकरणों के बाद जो सोशल मीडिया का स्वरूप बनता है, उससे लोकतांत्रिक मूल्यों के विस्तार के सपनों को नए पंख लगे हैं।

  • यह माध्यम इतना सशक्त है कि रातों-रात किसी को लोकप्रिय बना देता है। इंजीनियरिंग कॉलेज के किसी प्रोफेसर को उसके नृत्य के लिए ख्याति मिल जाती है, तो शासन-प्रशासन के किसी प्रतिनिधि को जबाबदेही का भी बोध कराना संभव हो पाता है।

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