विश्व की प्रमुख प्राचीनतम धर्म में से एक यहूदी धर्म एक ईश्वर में विश्वास रखता है। यहूदियों के इस धर्म से ही ईसाइयत और इस्लाम विकसित हुए। इस धर्म के आधारभूत नियमों एवं शिक्षा मूल हिब्रू बाइबल की प्रथम पांच पुस्तकों पर आधारित है ।यहूदियों के इतिहास लोकजीवन के साथ-साथ विधिक एवं नैतिक उपदेशों का संकल्प तलमूद में है ।यहूदियों का विश्वास है कि उनके पूर्वज अब्राहिम को विश्व में ऐसा वादा किया कि यदि ईश्वर के प्रति समर्पित रहेंगे और उसकी आराधना करेंगे तो कल्याण होगा ।इस पसंदीदा का नवीकरण ईश्वर ने इब्राहिम के पुत्र जैकब के साथ किया ।कालांतर में विश्व ने मुझको माउंट सिनाई पर 10 कमांडेंट प्रदान किए जिसमें बताया गया कि इजरायली को कैसे जीवन यापन करना चाहिए। भारत में यहूूदियों के दो समुदाय हैं मलयालम भाषी कोचीनी और मराठी भाषी बेेनेइजराइल भारत के मरुस्थल पश्चिमी तट पर आकर बसे थे। यद्दपि उनकी संख्या कम है किंतु प्रारंभ से ही उन्हें अपने अंदाज में जीने अपने यहूदी प्रार्थना भवन बनाने की अनुमति प्रदान की गई।
इस प्रकार कहा जा सकता है कि यहूदी धर्म अपनी विभिन्न रूप आज भी विश्व में विद्यमान है।