मुगलकालीन स्थापत्य कला
बाबर:-
बाबरी मस्जिद का निर्माण अयोध्या में मियाँ मीरबाकी ने करवाया था।
काबुल बाग की मस्जिद को स्वयं बाबर ने पानीपत में बनवाया था।
रूहेलखण्ड के सम्भल नामक स्थान पर जामी मस्जिद भी बाबर द्वारा बनवाया गया था।
बाबर ने जैमिती विधि पर आधारित आराम बाग नामक उद्यान का निर्माण आगरा में कराया था।
हुमायूँ -
दीन पनाह भवन (वर्तमान में पुराना किला) का निर्माण हुमायूँ द्वारा 1533 ई0 में बनवाया गया था।
हिसार के पतहाबाद की मस्जिद भी हुमायूँ ने बनवाया था।
अकबर-
मुगलकालीन स्थापत्य और वास्तुकला की वास्तविक प्रारम्भ अकबर के शासनकाल में हुआ।
इण्डो- इस्लामिक स्थापत्य कला शैली के मिश्रित कला का विकास अकबर के शासनकाल में हुआ।
अकबर ने आगरा में एक प्रसिद्ध लाल किला बनवाया, जिसे अकबरी शैली का प्रथम स्मारक माना जाता है।
अकबर द्वारा निर्मित किले में दो दरवाजे है, जिसमें प्रथम दिल्ली दरवाजा (पश्चिम में स्थित) तथा द्वितीय अमरसिंह का दरवाजा (पूर्व की ओर) स्थित है।
आगरा के लाल किले का निर्माण वास्तुकार कासिम खाँ की देखरेख में हुआ था।
हुमायूँ के मकबरे को ताजमहल का पूर्वगामी कहा जाता है।
अब्दुल रहीम खानखाना के मकबरे को हुमायूँ के मकबरे और ताजमहल के बीच की कड़ी माना जाता है।
औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में स्थित रबिया के मकबरे को बीबी का मकबरा, द्वितीय ताजमहल कहा जाता हैं।
अकबर के शासन काल में निर्मित कुछ प्रमुख इमारतें जो कि फतेहपुर सीकरी में स्थित है-
जोधाबाई का महल पंचमहल बुलन्द दरवाजा
जामा मस्जिद हिरन महल हाथी पाल
मरियम उज्जमानी का महल शेख सलीम चिश्ती का मकबरा।
जामी मस्जिद को पत्थर में रूमानी कथा कहने का श्रेय फाग्र्यूसन महोदय को जाता है।
अकबर ने इसी जामी मस्जिद से 1582 ई0 में दीन-ए-इलाही की घोषणा की।