मुगलकालीन स्थापत्य कला -2

        जहाँगीर-
    जहाँगीर के शासनकाल में भवन निर्माण और स्थापत्य कला के लिए लाल बलुए पत्थर के स्थान पर संगमरमर का प्रयोग किया गया है।
    जहाँगीर कालीन कुछ प्रमुख इमारतें-
ऽ    अकबर का मकबरा जहाँगीर के शासनकाल में निर्मित प्रथम भवन है, जो आगरा से 5 मील दूर सिकन्दराबाद में स्थित है।
ऽ    यह मकबरा 5 मंजिला है और इसमें गुम्बद नहीं बनाया गया हैं
ऽ    जहाँगीर की वेगम नूरजहाँ ने आगरा में अपने पिता के मकबरे के साथ ही मुगल दरबारी एतमद्दुदौला का मकबरा भी बनवाया।
   शाहजहाँ-
    शाहजहाँ ने गद्दी पर बैठते ही तख्ते ताऊस का निर्माण कराया जो तीन गज लम्बा, ढाई गज चैड़ा और पाँच गज ऊँचा था।
    यह माना जाता है कि इसी तख्ते-ताऊस में कोहिनूर हीरा जड़ा हुआ था।
    शाहजहाँ के शासनकाल में सर्वप्रथम संगमरमर का प्रयोग आगरा स्थित दीवान-ए-आम में किया गया।
    1646-1653 ई0 के मध्य निर्मित आगरा के किले की मोती मस्जिद शाहजहाँ कालीन शैली का सर्वोत्तम उदाहरण है।
    विश्व के आश्चर्यों में गिना जाने वाला ताजमहल का निर्माण शाहजहाँ ने अपनी बेगम अर्जुमन्द बानो (मुमताज महल) की याद में बनवाया।
    यह महल 11 वर्ष (1632-1643 ई0) में बनकर तैयार हुआ।
    इस महल (मकबरे) का निर्माण मुख्य स्थापत्यकार उस्ताद अहमद लाहौरी तथा उस्ताद ईसा खाँ नकशा- नवीस थे। हावेल ने इसे भारतीय नारीत्व की साकार प्रतिमा कहा है।  
    शाहजहाँ ने 1639 ई0 में दिल्ली में लाल किले की नींव रखी जो 1648 ई0 में बनकर तैयार हुई।
    शाहजहाँ ने अपनी पुत्री जहाँआरा बेगम की याद मंे आगरा में जामा-मस्जिद का निर्माण कराया।
    शाहजहाँ ने भारत की सबसे बड़ी मस्जिद दिल्ली की जामा-मस्जिद का निर्माण कराया जो 1658 ई0 में बनकर तैयार हुयी।
 
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