जहाँगीर-
जहाँगीर के शासनकाल में भवन निर्माण और स्थापत्य कला के लिए लाल बलुए पत्थर के स्थान पर संगमरमर का प्रयोग किया गया है।
जहाँगीर कालीन कुछ प्रमुख इमारतें-
ऽ अकबर का मकबरा जहाँगीर के शासनकाल में निर्मित प्रथम भवन है, जो आगरा से 5 मील दूर सिकन्दराबाद में स्थित है।
ऽ यह मकबरा 5 मंजिला है और इसमें गुम्बद नहीं बनाया गया हैं
ऽ जहाँगीर की वेगम नूरजहाँ ने आगरा में अपने पिता के मकबरे के साथ ही मुगल दरबारी एतमद्दुदौला का मकबरा भी बनवाया।
शाहजहाँ-
शाहजहाँ ने गद्दी पर बैठते ही तख्ते ताऊस का निर्माण कराया जो तीन गज लम्बा, ढाई गज चैड़ा और पाँच गज ऊँचा था।
यह माना जाता है कि इसी तख्ते-ताऊस में कोहिनूर हीरा जड़ा हुआ था।
शाहजहाँ के शासनकाल में सर्वप्रथम संगमरमर का प्रयोग आगरा स्थित दीवान-ए-आम में किया गया।
1646-1653 ई0 के मध्य निर्मित आगरा के किले की मोती मस्जिद शाहजहाँ कालीन शैली का सर्वोत्तम उदाहरण है।
विश्व के आश्चर्यों में गिना जाने वाला ताजमहल का निर्माण शाहजहाँ ने अपनी बेगम अर्जुमन्द बानो (मुमताज महल) की याद में बनवाया।
यह महल 11 वर्ष (1632-1643 ई0) में बनकर तैयार हुआ।
इस महल (मकबरे) का निर्माण मुख्य स्थापत्यकार उस्ताद अहमद लाहौरी तथा उस्ताद ईसा खाँ नकशा- नवीस थे। हावेल ने इसे भारतीय नारीत्व की साकार प्रतिमा कहा है।
शाहजहाँ ने 1639 ई0 में दिल्ली में लाल किले की नींव रखी जो 1648 ई0 में बनकर तैयार हुई।
शाहजहाँ ने अपनी पुत्री जहाँआरा बेगम की याद मंे आगरा में जामा-मस्जिद का निर्माण कराया।
शाहजहाँ ने भारत की सबसे बड़ी मस्जिद दिल्ली की जामा-मस्जिद का निर्माण कराया जो 1658 ई0 में बनकर तैयार हुयी।