क्रिसमिस डे स्पेशल : क्रिसमस ट्री, कैरोल के बारे में जानकारी

क्रिसमस 🎄ट्री क्या है❓*

क्रिसमस के साथ अनिवार्य समझा जाने वाला क्रिसमस ट्री🎄 अपनी चमक-दमक और खुबसूरत सजावट के लिए जाना जाता है, लेकिन यह वास्तव में है क्या इसे "यूल-ट्री" के रूप में जाना जाता है, और इसकी उत्पत्ति यूरोपीय लोककथाओं से हुई, जो पूरे महाद्वीप में फैला था और ईसाई धर्म में आत्‍मसात हो चुका था। लिखित जानकारी के अनुसार क्रिसमस ट्री के रूप में एक पेड़ का प्रयोग रीगा, लातविया में किया गया, जहांं फर के पौधों का प्रयोग किया गया जिसको आग लगाने से पहले उसके चारों ओर युवक और युवतियों ने नृत्य किया था। जर्मनी में, शुरुआती क्रिसमस के पेड़ को मोमबत्ती और जिंजरब्रेड और सुनहरे सेब के साथ सजाया गया था। बाद मेें इन पर रंगीन पत्रियों, कागजों और लकड़ी के तिकोने⭐ तख्ते सजाए जाते थे। इन पेड़ों पर मोमबत्तियों, टॉफियों और बढ़िया किस्म के केकों को रिबन और कागज की पट्टियों से पेड़ पर बांधा जाता था। 20 वीं शताब्दी में कृत्रिम पेड़ों की लोकप्रियता में वृद्धि हुई।

क्या आप क्रिसमस🎄 कैरोल 🎵के बारे में जानते हैं*

कैरोल शब्द का अर्थ है 'किसी गाने 🎵पर नृत्य करना'। ये कैरोल अक्सर यूरोप में तब गाए🎶 जाते थे जब सर्दियां अपने शबाब पर होती थीं। प्रारंभिक ईसाइयों ने इन कैरोल्स को अपनाया पर तब ये बहुत लोकप्रिय नहीं थे क्योंकि ये लैटिनो में गाए गए थे जो तब आम लोगों की भाषा नहीं थी। लेकिन ये सब कुछ तब बदल गया जब असीसी के सेंट फ्रांसिस ने इटली में अपने स्‍वेदशी नाटकों की शुरुआत की जो कि आम लोगों की भाषा में थे और इसमें वैसे कैरोल्स 🎵भी शामिल किए जाते थे जो बाइबिल की कहानियों पर आधारित थे। सबसे पहला कैरोल 1400 के दशक में लिखा गया था। जल्द ही क्रिसमस के मौके पर कैरोल गाने की परंपरा पूरे यूरोप में फैल गई।

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