राष्ट्रपति या कोई व्यक्ति, जो किसी कारण से राष्ट्रपति के कृत्यों निर्वहन के लिए नियुक्त होता है, अपना पद ग्रहण करने के पूर्व अनुच्छेद 60 के तहत भारत के मुख्य न्यायाधीश या उसकी अनुपस्थिति में उच्चतम न्यायालय में उपलब्ध वरिष्ठ न्यायाधीश के समक्ष अपने पद के कार्यपालन की शपथ लेता है। राष्ट्रपति के शपथ का प्रारूप निम्नलिखित होता है-
मैं, आमुख ईश्वर की शपथ लेता हूं सत्य निष्ठा से प्रतिज्ञा करता हूं की मैंं श्रद्धापूर्वक भारत के राष्ट्रपति के पद का कार्यपालन (अथवा राष्ट्रपति के कृत्यों का निर्वहन) करूंगा तथा अपनी पूरी योग्यता से संविधान और विधि का परिरक्षण , संरक्षण और प्रतिरक्षण करूंगा और मैं भारत की जनता की सेवा और कल्याण में निरत रहूंगा।
राष्ट्रपति द्वारा लिया जाने वाला शपथ या प्रतिज्ञान उप-राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के शपथ से इस मामले में भिन्न है कि राष्ट्रपति संविधान और विधि के परिरक्षण ,संरक्षण और प्रतिरक्षण का शपथ लेता है।
राष्ट्रपति पद की योग्यताएं
अनुच्छेद 58 के अनुसार भारत के राष्ट्रपति पद पर निर्वाचित होने के लिए निम्नलिखित अहर्ताओं की आवश्यकता होती है
1. भारत का नागरिक हो,
2. 35 वर्ष की आयु पूरा कर चुका हूहो
3. लोकसभा का सदस्य निर्वाचित होने के लिए अहि॔त हो, अर्थात उसका नाम की संसदीय निर्वाचन मंडल में मतदाता के रूप में पंजीकृत होना चाहिए और
4. भारत सरकार या राज्य सरकार के अधीन या उक्त सरकारों के नियंत्रण में किसी स्थानीय या अन्य प्राधिकारी के अधीन लाभपद धारक न हो।