समय का मापन

समय के मापन के लिए घड़ी का उपयोग किया जाता है।वह घटना जो नियमित अंतराल के बाद स्वयं को दोहराती है, घड़ी का कार्य करती हैं।इसके अनुसार अपने कक्ष के परित: पृथ्वी का घूर्णन, सूर्य के परित: पृथ्वी का परिक्रमण ,स्वस्थ मनुष्य के दिल की धड़कन, सरल लोलक के दोलन, सीजियम परमाणु के कंपन विभिन्न प्रकार की घड़ियां बनाते हैं।इनमें से सीजियम घड़ी सर्वाधिक यथार्थ है क्योंकि 2 सीजीएम की घड़ियों में 5000 वर्ष के अंतराल में 1 सेकेंड का अंतर आ सकता है।बहुत कम समय मापने के लिए परमाणु गाड़ियों का उपयोग किया जाता है
सौर घड़ी:- यह सूर्य के परित: पृथ्वी के नियमित परिक्रमण पर आधारित हैं ।सावधानीपूर्वक लिए गए परीक्षण यह दर्शाते हैं कि पृथ्वी का अपने कक्षा के परित: घूर्णन काल दिन से दिन ,वर्ष से वर्ष थोड़ा सा बदल जाता है।इसलिए माध्य और सेकंड किया था और संदिग्ध है
क्वार्ट्ज क्रिस्टल घड़ी :- क्वार्ट्ज क्रिस्टल दाब विद्युत प्रभाव की घटना प्रदर्शित करता है। जब एक क्वार्ट्ज क्रिस्टल के विपरीत पृष्ठों के बीच परिवर्तित दाब आरोपित किया जाता है तो दूसरे लंबवत के बीच विद्युत वाहक बल उत्पन्न हो जाता है।इस प्रकार उत्पन्न दोलन समय अंतराल को मापने हेतु प्रयुक्त किए जा सकते हैं ।इन घड़ियों की यथार्थ1011 सेकंड में 1 सेकंड होती है
 

परमाणु घड़ियां:-परमाणु घड़ी में होने वाले आवर्त कम्पनओं पर आधारित हैं ,पहले सीजियम घड़ी सन 1964 में बनाई गई थी। इनकी यथार्थ का 1011 में 1 सेकंड है।

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