अर्थशास्त्र के कुछ महत्वपूर्ण तथ्य।

मांग में वृद्धि के कारण या मुद्रास्फीति का मांग पक्ष संबंधित कारण
मुद्रा स्फीति में वृद्धि
सार्वजनिक व्यय
घाटे की वित्त व्यवस्था या हितार्थ प्रबंधन
जैसे- सरकार को कर प्राप्त हो रहा है 100 रुपए और वह खर्च कर रही है ₹120 । इसी को ही घाटे की वित्त व्यवस्था कहते हैं ।
घाटी की व्यवस्था को पूरा करने के लिए तरीके
नोट छाप कर
ऋण लेकर
कर की दर में कमी
काले धन की निकासी:- ऐसा धन जो कर की चोरी अर्थात जिस धन का उल्लेख ना किया गया हो कालाधन कहलाता है ।
समानांतर अर्थव्यवस्था:- ऐसी मुद्रा जिसमें वैध और अवैध दोनों होते हैं, समानांतर अर्थव्यवस्था कहते हैं ।
= काले धन की निकासी के लिए सरकार ने 1997 में स्वैच्छिक आए स्पष्टीकरण योजना चलाया गया । जिसमे सरकार को 10060 करोड रुपए काले धन के रूप में प्राप्त हुए । 2014 में मोदी सरकार ने काले धन निकासी के लिए एम बी शाह की अध्यक्षता में विशेष जांच दल ने भारत सरकार को 627 व्यक्तियों की सूची सौंपी । ऐसे व्यक्तियों का कालाधन बड़ी मात्रा में जमा है ।
1. जनाधिक्य:- जनसंख्या जितनी अधिक होगी महंगाई में उतनी वृद्धि होगी ।
‎2. लागत प्रेरित स्फीति:- मुद्रा स्फीति का मुख्य कारण प्रेरित स्फीति माना है । इसके अनुसार उत्पादन की लागत में वृद्धि से कीमत स्तर में वृद्धि होती है । उत्पादन की लागत में वृद्धि दो कारण से होता है-
•  ‎मजदूरी दर में वृद्धि:-  मजदूरी दर में वृद्धि होने से उत्पादन भाग में वृद्धि होगी जो महंगाई में वृद्धि होगी ।
•  ‎ लाभ में वृद्धि:- मजदूर के हड़ताल करने पर इसकी मजदूरी में वृद्धि होती है तो फैक्ट्री मालिक लाभ के लिए वस्तु की कीमत बढ़ा देता है ।

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