अभिकेंद्रीय बल तथा घर्षण बल

अभिकेन्द्रीय बल  -

ऐसी स्थिति जिसमें किसी वस्तु का परिधि से केंद्र की ओर भागने की प्रवृत्ति होती है तो लगने वाले इस बल को सेंट्रिपेटल फोर्स कहा जाता है इसी बल के कारण सूर्य के चारों ओर सभी ग्रह चक्कर लगाते हैं सर्कस में मौत का कुआं बनाया जाता है साइकिल सवार द्वारा मोड़ों पर मोड़ लेते समय अपने शरीर को एक तरफ झुकाना पड़ता है ऐसी स्थिति में किसी वस्तु का केंद्र से परिधि की ओर भागने की प्रवृति आ जाती है तो लगने वाले बल को अभिकेंद्रीय बल कहा जाता है

दूध से मक्खन निकालने वाली मशीन व कपड़ा धोने वाली मशीन इसी तरीके पर कार्य करती है।चार चक्के की गाड़ी जब घुमावदार मोड़ों पर आती हैं तो उसमें यही बल कार्य करने लगता है जिससे बैलेंस करने के लिए सड़के एक तरफ ऊंची वह दूसरी तरफ नीति बनाई जाती है फ्रिक्शन फोर्स एक वस्तु एक दूसरी वस्तु के ऊपर बल लगाती है असर रखती है तो वस्तुओं में शतकों के बीच एक बल कार्य करने लगता है लेकिन यह बल परिधि दिशा में उत्पन्न होता है इसे घर्षण बल कहते हैं यह तीन प्रकार के होते हैं जो निम्नलिखित हैं स्थैतिक बल,लोटनिक बल,तथा सिल्डिगं बोलर्स ऐसे पल होते हैं जो विभिन्न मुश्किलों को दूर करते हैं ब्रेक में विशेष काम करते हैं जिससे वाहन चलाने में सफलता प्राप्त होती है इन्हीं बलों के कारण हम पृथ्वी पर चल पाते हैं और इसी बल के कम होने पर बर्फ व बालू पर चलना मुश्किल होता ।

Posted on by