पृथ्वी के चारों 11 जल वायु मंडल है इस जल वायु का दबाव जब पृथ्वी की स्थित वस्तुओं पर पड़ता है तो उसे वायुमंडलीय दाब कहते हैं यह दाव पृथ्वी के ऊपर जाने पर घटता है लगभग 110 मीटर ऊंचाई पर 1 सेंटीमीटर पारा दाम कम हो जाता है और अधिक ऊपर जाने पर क्रमशः घटता जाता है लगभग 29000 किलोमीटर ऊंचाई पर समाप्त हो जाता है वायुमंडलीय दाब कम होने के कारण अधिक ऊंचाई पर खुले तौर पर अंतरिक्ष की यात्रा करने पर आंख कान नाक और धनिया फट जाती है जिससे रक्त स्राव होने लगता है जहाज की यात्रा करने पर और पहाड़ों पर खाना बनाने में देर होने लगती है क्योंकि वहां जल 71 डिग्री सेंटीग्रेड ताप पर उबलने लगता है जाता है
Atmaspheric pressure -
वायुमंडलीय दाब को पैरोमीटर से मापा जाता है। जब एका एक नीचे गिरने लगता है तो आधी तूफान की संभावना,तथा धीरे धीरे गिरने लगता है तो बारिश की संभावना होती है जब धीरे-धीरे ऊपर चढ़ता है तो स्वच्छ मौसम का संकेत होता है वह मंडल की अपेक्षित आद्रता को हाइब्रोमीटर से मापा जाता है। तथा द्रव के घनत्व को भी हाइड्रोमीटर से ना मापा जाता है दूध की घनत्व को लेक्टोमीटर से मापा जाता है।