पृष्टतनाव, श्यानता

सभी तरह का यह गुण होता है कि वह अपनी ऊपरी सतह की क्षेत्रफल को न्यूनतम रखना चाहता है जिसके कारण व आधार से सुकून ता है और उसके ऊपर सत्ता पर एक तनाव बंदर बन जाता है इसे पृष्ठ तनाव कहा जाता है इसी के कारण वर्षा की बूंदे गोलाकार होती है कार व लोहे की गोलियां बनाई जाती हैं सभी  तेल का पृष्ठ तनाव पानी से कम होता है इसलिए तेल पानी के ऊपर तैरता है गर्म जल से कपड़ा धोने पर वह जल्दी साफ होता हो जाता है क्योंकि उसका पृष्ठ तनाव पहले से कम हो जाता है

यदि किसी वस्तु पर विरूपक लगाया जाता है तो वस्तुओं की आकृति विकृत हो जाती है और वह हटा लेने पर अपनी पूर्व अवस्था में आ जाती है। जैसी वस्तुओं को प्रत्यास्थाता कहा जाता है क्वार्टज में सबसे अधिक प्रत्यास्थ होती है स्टील ,हाथी का दांत ,रबड़ और मिट्टी तथा उनके नाम मात्र के प्रत्यास्था होती है।

जब कोई पिंड हुआ वायुवीय माध्यम से गुजरता है तो उस पर आगे की ओर से माध्यम द्वारा एक बार लगाया जाता है जिसे स्यान बल कहा जाता है हवा की अपेक्षा जल की स्यान बल अधिक होता है इसी कारण स्थल भाग पर चलने  पर जब  कोई  जल में चलना कठिन होता है श्यानता को प्वाइजली इकाई में मापा जाता है इसका एस आई मात्रक डेकाप्वाइज होता है।

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