एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में 12 जुलाई 2006 को महासागर विकास मंत्रालय का नाम बदलकर उसे पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय कर दिया गया पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा महासागर विकास में प्रौद्योगिकी मौसम विज्ञान, भूकंप विज्ञान जलवायु और, पर्यावरण विज्ञान तथा पृथ्वी विज्ञान से संबंधित विषयों का कार्य संचालित किया जाएगा| यह मंत्रालय महासागर संसाधन महासागरों की स्थिति मानसून तूफान भूकंप सुनामी जलवायु परिवर्तन इत्यादि विषयों पर पृथ्वी के विभिन्न अवयव महासागर वातावरण एवं विभिन्न भूमि से संबंधित अध्ययनों हेतु सर्वोत्तम उपलब्ध सेवाएं मुहैया करवाएगा यह मंत्रालय पृथ्वी प्रणाली विज्ञान मानसून की भविष्यवाणी तथा अन्य जलवायु संबंधी मानकों महासागरों की अवस्था भूकंप सुनामी तथा पृथ्वी विज्ञान में घटनाओं से संबंधित अनुसंधानओं का प्रबंध करेगा | मंत्रालय मौसम संबंधी जानकारी का प्रसार कर के विज्ञान विमानन जल संसाधन जलीय कृषि तथा कृषि से संबंधित उद्योगों की भी सहायता करेगा| यह मंत्रालय सागरों में विमान विद्वान जीवित तथा निर्जीव समुद्री संसाधनों के संरक्षण मूल्यांकन के अलावा महासागरों क्षेत्रों से संबंधित वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी गतिविधियों का विकास भी करेगा|
पृथ्वी आयोग-
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की नीतियों के निर्धारण उपयुक्त प्रशासनिक मशीनरी के गठन नेटवर्किंग तथा विदाई तंत्र संबंधी नीतियों के बनाने के साथ-साथ विभिन्न परियोजनाओं तथा बजट की मंजूरी देने के अलावा नियुक्ति प्रक्रिया तैयार करने कर्मचारियों की आवश्यकता का मूल्यांकन ,मानव संसाधन विकास और क्षमता निर्माण कार्य को संपन्न करने के लिए एक 12 सदस्य (पृथ्वी आयोग) की स्थापना की गई जो पृथ्वी विज्ञान पर एक प्रमुख निकाय के रूप में कार्य करेगा|