➡ भारत की सबसे बड़े ड्राइडॉक का निर्माण कोचीन में किया जा रहा है, जिसका निर्माण मेक इन इंडिया के तहत किया जाएगा,इस ड्राई डॉक के निर्माण के साथ ही भारत दक्षिण पूर्वी एशिया में जहां मरम्मत का बड़ा केंद्र बन जाएगा।
➡कोचीन शिपयार्ड में पहले से ही दो ड्राइडॉक मौजूद है, लेकिन वह दोनों ही इस नए वाले ड्राई डॉग से छोटे होंगे।
⚫ परियोजना के मुख्य बिंद-
➡यह नया ड्राइडॉक 310 मीटर लंबा और 75 मीटर चौड़ा होने के साथ ही 13 मीटर गहरा भी होगा जिसकी अनुमानित लागत 1799 करोड़ रूपए है।
➡इस ड्राई डॉक के निर्माण के साथ ही वैश्विक जहाज निर्माण में भारत की हिस्सेदारी में 2% की बढ़ोतरी होगी।
➡ड्राई डॉक कोची का निर्माण कोचीन शिपयार्ड में किया जाएगा।
➡इस परियोजना के मई 2021 तक पूरा होने की उम्मीद है
➡इसके निर्माण से देश के जहाज निर्माण व्यवसाय में एक नई क्रांति आने के साथ-साथ इसके तहत करीब 2000 लोगों को रोजगार भी प्राप्त होगा।
⚫ ड्राई डॉक
➡ड्राई डॉक वैसे स्थान को कहा जाता है जहां जहाजों की मरम्मत और रखरखाव संबंधी कार्य किए जाते हैं वस्तुत: आयात एक्सेस का स्थान होता है जहां से पानी निकाल कर वहां डॉक का निर्माण कर लिया जाता है।