वैश्विक भुखमरी सूचकांक -2018

  • 1 अक्टूबर 2017 को अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान द्वारा वैश्विक भुखमरी सूचकांक जारी किया गया।
  • यह सूचकांक का 13 वां संस्करण है।
  • जीएसआई 2018 रिपोर्ट का मुख्य विषय "Foced migration and hunger"है।
  • इस सूचकांक में 119 देशों को शामिल किया गया है।
  • यह सूचकांक चार संकेतकों क्रमशः अल्प पोषण, लंबाई के अनुपात में ,कम वजन एवं आयु के अनुपात में कम लंबाई तथा बाल मृत्यु दर के आधार पर तैयार किया गया है।
  • यह सूचकांक 100 आधार बिंदुओं के पैमाने पर तैयार तैयार किया जाता है जिसमें 0 सबसे अच्छा स्कोर तथा 100 सबसे खराब स्कोर माना जाता है।
  • जी एच आई 2018 के अनुसार विश्व भर में भूख का स्तर वर्ष 2000 में 29.2% से कम होकर 20.9% होकर गंभीर श्रेणी में बना हुआ है।
  • जी एच आई -2018 के अनुसार 51 देश अभी भी गंभीर अथवा भयावह स्थिति में है।
  • इसके अनुसार 40 देश निम्न ,27 देश मध्यम, 45 देश गंभीर, 6 देश भयावह तथा 1 देश भुखमरी के अत्यधिक भयावह स्थिति का सामना कर रहे हैं।
  • इस सूचकांक में 5 से कम स्कोर वाले 15 देश हैं।
  • जिसमें 5 शीर्ष देश क्रम सा बेलारूस, बोस्निया और हेरेजेगोविना, चिली,कोस्टारिका तथा क्रोएशिया है।
  • जीएसआई 2018 के अनुसार 6 देश (चाड, हैती, मेडागास्कर ,सियारा लियोन ,यमन तथा जांबिया) भुखमरी की भयावह स्थिति का सामना कर रहे हैं।
  • जबकि एक देश सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक भुखमरी की अत्यधिक भवाह स्थिति का सामना कर रहा है।
  • वैश्विक भुखमरी सूचकांक 2018 में भारत नाइजीरिया के साथ संयुक्त रूप से 103 वे स्थान पर है, भारत का जी एच आई स्कोर 31.1 है।
  • सूचकांक में भारत को गंभीर वर्ग में रखा गया है।
  • उल्लेखनीय है कि जी एच आई 2017 में भारत 100 वे स्थान पर था।
  • वर्ष 2018 के सूचकांक में भारत को अपने पड़ोसी देशों जैसे श्रीलंका (रैंक -67) नेपाल (रैंक -72) म्यांमार (रैंक -68)बांग्लादेश (रैंक -86) तथा चीन (रैंक 25 )की तुलना में निचली रैंक प्राप्त हुई है।
  • पाकिस्तान को इस सूचकांक में 100 वां स्थान प्राप्त हुआ है।
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