वैश्विक दासता सूचकांक, 2018 के विषय में जानकारी

➡19 जुलाई 2018 को वाॅक फ्री फाउंडेशन नामक संगठन द्वारा वैश्विक दासता सूचकांक 2018 जारी किया गया । वर्ष 2018 की वैश्विक दासता सूचकांक में विश्व के 167 देशों को आधुनिक दास्तां के बंधन में जकड़े लोगों की संख्या के आधार पर रैंक प्रदान की गई है। वॉक फ्री फाउंडेशन के अनुसार आधुनिक दास्तां एक व्यापक पद है तथा इसकी परिभाषा के अंतर्गत बलातश्रम, मानव तस्करी, जबरन विवाह के फलस्वरूप दास्तां  जैसे मुद्दों को शामिल किया जा सकता है।

स्मरणीय तथ्य-

➡वैश्विक दासता सूचकांक 2018 के अनुसार वर्ष 2016 में विश्व में अनुमानित 40.3 मिलियन लोग आधुनिक दास्तां के बंधन में जकड़े हुए थे । इनमें से लगभग 71% महिलाएं थी।

➡रिपोर्ट के अनुसार आधुनिक दास्तां के सर्वाधिक मामले उत्तर कोरिया में दर्ज किए गए हैं जहां प्रति 10 में से एक व्यक्ति आधुनिक दासता का शिकार है।

➡झेत्रीय दृष्टि से आधुनिक दास्तां के मामलों की संख्या के संदर्भ में अफ्रीका महाद्वीप शीर्ष पर है।

➡यहां प्रत्येक हजार व्यक्तियों पर 7.6 लोग आधुनिक दास्तां के शिकार है।

➡वैश्विक दासता सूचकांक 2018 में 167 देशों की सूची में उत्तर कोरिया शीर्ष स्थान पर है।

➡यहां प्रति 1000 जनसंख्या पर 104.6 लोग आधुनिक दासता का जीवन जी रहे हैं।

➡सूचकांक में जापान अंतिम 167 वे स्थान पर है यहां प्रति 1000 जनसंख्या पर मात्र 0.3 व्यक्ति ही आधुनिक दास्तां के शिकार है।

➡वैश्विक दासता सूचकांक 2018 में 167 देशों की सूची में भारत 53 में स्थान पर है।

➡यहां प्रति 1000 जनसंख्या पर आधुनिक दासता का जीवन जी रहे लोगों की संख्या 6.1 है।

➡वर्ष 2018 के सूचकांक के अनुसार वर्ष 2016 में भारत में लगभग 80 लाख लोग आधुनिक दासता का जीवन जी रहे थे जो कि विश्व में सर्वाधिक है।

➡उल्लेखनीय है कि 2 वर्ष पूर्व भारत में आधुनिक दास्तां के शिकार  लोगों की संख्या 1.83 करोड़ थी।

➡विश्व में आधुनिक दास्तां के बंधन में जख्मी लोगों की कुल संख्या के संदर्भ में शीर्ष 10 देश क्रमश: है भारत, चीन, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया, नाइजीरिया, ईरान, इंडोनेशिया, कांगो, रूस तथा फिलीपींस।

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