कतर 1 जनवरी, 2019 से ओपेक से बाहर हो गया

कतर जनवरी 1 जनवरी, 2019 को ओपेक (OPEC) यानी ऑर्गेनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज से बाहर हो गया।

कतर अब नेचुरल गैस के उत्पादन पर ज़्यादा ज़ोर देगा। फिलहाल कतर में सालाना नैचुरल गैस का उत्पादन 77 मिलियन टन होता है जिसे आने वाले दिनों में बढ़ा कर अब 110 मिलियन करने का लक्ष्य है।

आपको बता दें कि क़तर ''लिक्विफाइड नेचुरल गैस'' (LNG) का सबसे बड़ा सप्लायर है।

दुनियाभर के करीब 30 फीसदी LNG का उत्पादन यही होता है। अल-काबी के मुताबिक रणनीति के तहत अब नैचुरल गैस का ज्यादा उत्पादन किया जाएगा।

कतर, ओपेक में 1961 में शामिल हुआ था दरअसल ओपीईसी 14 पेट्रोलियम उत्पादक देशों का संगठन है। इस संगठन का मुख्यालय विएना में है।

इन देशों में अल्जीरिया, अंगोला, ईक्वाडोर, इरान, ईराक, कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, नाइजीरिया, लीबिया और वेनेजुएला, गवोन, इक्वाटोरियल ज्यूनिया है।

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