9 मई 1944 को गाँधी जी को जेल से रिहा कर दिया गया।
भारत छोड़ा आन्दोलन की एक विशेषता यह थी कि देश के अन्य भागों में समानान्तर सरकारे बनायी गयी।
बलिया-प्रथम राष्ट्रीय समानान्तर सरकार चित्तू पाण्डे के नेतृत्व में बनी।
तामलुक-बंगाल के मिदनापुर जिले में गठित राष्ट्रीय सरकार 1944 तथा इसे जातीय सरकार कहा गया।
सतारा-राष्ट्रीय सरकार यह सबसे दीर्घ सरकार बनी, इसे नाना पाटिल ने बनायी थी।
आजाद हिन्द फौज के स्थापना का विचार सर्वप्रथम मोहन सिंह के मन मंे आया।
अक्टूबर 1943 ई0 में सुभाष चन्द्र बोस को आजाद हिन्द फौज का सर्वोच्च नेता चुना गया।
21 अक्टूबर 1943 को सुभाष चन्द्र बोस ने सिंगापुर में भारत की अस्थायी सरकार बना दी।
जापान ने अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह सुभाषचन्द्र बोस को सौंप दिये। नेताजी ने उनका नाम क्रमशः शहीद द्वीप एवं स्वराज द्वीप रखा।
टोकियों जाते हुये फारमोसा द्वीप (ताइपेई) के पास अचानक हवाई जहाज में आग लग जाने से 18 अगस्त 1945 को मारे गये।
आजाद हिन्द फौज के तीन अधिकारी पी0के0 सहगल, कर्नल, गुरूदयाल सिंह ढिल्लो एवं मेजर शाहनवाज खाँ पर राजद्रोह का आरोप लगाकर दिल्ली के लाल किले पर मुकदमा चलाया गया।
-शेष अगले भाग में