मुस्लिम लीग एवं भारत का स्वतंत्रता संग्राम-9

भूलाभाई देसाई के अध्यक्षता में वकीलो का एक संघ बनाया गया जिसमें जवाहर लाल नेहरू, तेजबहादुर सप्रू, कैलाश नाथ काटजू, अरूणा आसफ अली सदस्य थे। वायसराय ने कैदियों को राजद्रोह के सजा मुक्त कर दिया।

      नौसेना विद्रोह 19 फरवरी 1946 को मुम्बई में आई0एन0एस0 तलवार नामक जहाज के नौसैनिकों द्वारा किया गया।

      मुस्लिम लीग ने 16 अगस्त 1946 को सीधी कार्यवाही दिवस मनाया।

      जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में अन्तरिम सरकार का गठन 2 सितम्बर 1946 को हुआ।

      26 अक्टूबर 1946 को असंतुष्ट मुस्लिम लीग भी मंत्रिमंडल में शामिल हो गयी।

      स्वतन्त्रता के समय कांग्रेस के अध्यक्ष जे0वी0कृपालानी थे।

      व्रिटेन के प्रधानमंत्री लेबर पार्टी के क्लीमेन्ट एटली थे।

      महात्मा गाँधी जी द्वारा स्थापित हरिजन सेवक संघ के अध्यक्ष घनश्याम दास बिड़ला थे।

      बाटों और छोड़ो का नारा लीग ने दिसम्बर 1943 में कराची अधिवेशन में दिया।

      मैं देश की बालू से ही कांग्रेस से बड़ा आन्दोलन खड़ा कर दूँगा-महात्मागाँधी (भारत छोड़ो आन्दोलन के समय में कहा गया)।

      दीनबन्धु मित्र द्वारा रचित बंगलाी नाटक नील दर्पण में नील की खेती करने वाले पर हुये यूरोपिय अत्याचार का उल्लेख है।

      आत्मसम्मान आन्दोलन (दक्षिण में) रामास्वामी नायंकर ने शुरू किया।

      राजाराममोहन राय को नव जागरण का अग्रदूत, सुधार आन्दोलन का प्रवर्तक, आधुनिक भारत का पिता एवं नव प्रभात का तारा कहा जाता है।

-शेष अगले भाग में

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