सुक्ष्म उद्यमो को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने हेतु 'धनरहित को धन प्रदान करने' (Funding to unfunded) ले लक्ष्य के साथ 8 अप्रैल, 2015 को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का शुभारंभ किया गया। इस योजना के तहत 'मुद्रा' (MUDRA : micro unite development and refinance agency) का गठन किया गया। 'मुद्रा' का गठन कंपनी अधिनियम, 2013 के अंतर्गत गठित एक गैर- बैंकिंग वित्तीय संस्था के रूप में भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) के एक अनुषंगी इकाई के रूप में किया गया है।
'मुद्रा' सूक्ष्म उद्यमो को प्रत्यक्ष ऋण नही देगा बल्कि यह उन संस्थाओ (वणिज्यिक/ क्षेत्रीय ग्रामीण/ सहकारी बैंक एवं MEI) को जो सूक्ष्म उद्यमो को वित्तीय सहयोग प्रदान करते है, का पुनर्वित्त पोषण करेगा। यह सूक्ष्य उद्यमो को अधिक्तम 10 लाख तक के ऋण हेतुु पुनर्वित्त पोषण करता।