राजाराममोहन राय ने 1815 ई0 मंे आत्मीय सभा का गठन किया।
राजाराममोहन राय ने 1870 मंे डच घड़ी साज डेविड हेयर के सहयोग से कलकत्ता में हिन्दू कालेज की स्थापना की।
राजाराममोहन राय को राजा की उपाधि मुगल शासक अकबर द्वितीय ने दिया था।
राजाराममोहन राय ने 1828 मंे ब्रह्म समाज की स्थापना कि थी।
1833 में राजाराममोहन राय की मृत्यु व्रिस्टल (इंग्लैण्ड) में हुयी।
उनके बाद 1843 मंे देवेन्द्र नाथ टैगोर ने ब्रह्म समाज का नेतृत्व संभाला।
केशवचन्द्र सेन ने एक नवीन ब्रह्म समाज का गठन किया जिसे आदि ब्रह्म समाज कहा गया।
1878 मंे आदि ब्रहम समाज में एक और फूट पड़ गयी जब केशवचन्द्र सेन ने अपने 12 वर्षीय नाबालिग पुत्री का विवाह कूच बिहार के राजा के साथ वैदिक रीति रिवाज से कर दिया। 1878 में शिवनाथ शास्त्री एवं आनन्द मोहन बोस ने साधारण ब्रहम समाज की स्थापना की।
वेद समाज की स्थापना 1864 ई0 मंे मद्रास में श्रीधरालू नायड् द्वारा की गयी।
परमहंस मंडली-1843-50 में आत्माराम पाण्डुरंग ने बम्बई में स्थापना की।
गोपालहरि देशमुख लोकहितकारी नाम से प्रसिद्व हुये।
प्रार्थना समाज की स्थापना 1867 में बम्बई में डा0 आत्माराम पांडुरंग ने की।
आर्य समाज की स्थापना 1875 ई0 में बम्बई मे ंस्वामी दयानन्द सरस्वती द्वारा किया गया। शुद्वि आन्दोलन के प्रवर्तक दयानन्द सरस्वती थे।
-शेष अगले भाग में