भारतीय संविधान Easy Notes - 07 (1765 - 1885 ई. (ब्रिटिश शासन की स्थापना) )

क्रमशः..

Day - 07

ऐक्ट ऑफ सेटिलमेंट, 1781 ई.

  • रेग्यूलेटिंग ऐक्ट की कमियों को दूर करने के लिए ब्रिटिश संसद द्वारा 1781 ई. में एक नया कानून ऐक्ट ऑफ सेटिलमेंट किया गया।
  • इस ऐक्ट के द्वारा ऐसी सरकारी व्यवस्था स्थापित करने की कोशिश की गई जो ब्रिटेन एवं भारतवासियों दोनों के लिए लाभप्रद हों। इसी उद्देश्य से कम्पनी के प्रशासन पर सीधा नियंत्रण करने की योजना 1781 के ऐक्ट में दी गई, परन्तु सम्बन्धित अधिकारियों की भारत के विषय में अनभिज्ञता ने इसे विफल कर दिया।
  • 1781 ई. के ऐक्ट ‘ऐक्ट ऑफ सेटिलमेंट’ के पास होने के बावजूद भी कम्पनी के प्रबंध में उचित सुधार न हो सका।
  • इस ऐक्ट ने कलकत्ता की सरकार को बंगाल, बिहार और उड़ीसा के लिए विधि बनाने का अधिकार प्रदान किया। इस प्रकार अब कलकत्ता की सरकार को विधि बनाने के दो स्त्रोत प्राप्त हो गये। रेग्यूलेटिंग ऐक्ट के अधीन वह कलकत्ता प्रेसीडेन्सी के लिए तथा ऐक्ट ऑफ सेटिलमेंट के अन्तर्गत बंगाल, बिहार और उड़ीसा के दीवानी प्रदेशों के लिए विधि बना सकती थी।
  • 1781 ई. के अधिनियम द्वारा कम्पनी को संसदीय नियंत्रण में रखने की योजना के विफल हो जाने पर 1783 ई. में फिर इसी उद्देश्य से ‘फाक्स इण्डिया बिल’ ब्रिटिश संसद में पेश किया गया। यह विधेयक ‘हाउस ऑफ कामन्स’ में ति पास हो गया परन्तु जार्ज तृतीय के व्यक्तिगत हस्तक्षेप व अनुरोध से यह ‘हाउस ऑफ लार्ड्स’ में पास न हो सका और इसी के साथ नार्थ मंत्रिमण्डल भी समाप्त हो गया।

जारी..

मिलते है हम अगले दिन, पिट्स इण्डिया ऐक्ट, 1784  के विषय पर चर्चा करने के लिये..

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