भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) उद्योग के फंसे कर्ज के पुनर्गठन को छूट देते हुए 1 जनवरी को इसके लिए नियम जारी किए हैं।
नए नियम के तहत एमएसएमई के ऐसे कर्ज जिनकी किस्तों की अदायगी रुक गई है, लेकिन वे एक जनवरी 2019 को स्टैंडर्ड ऋण श्रेणी में हैं, उनका एकबारगी पुनर्गठन किया जाएगा।
किसी कर्जदार इकाई के लिए इस छूट का पात्र होने के लिए जरूरी है कि उस पर एक जनवरी 2019 को बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की गैर-कोष आधारित सुविधा सहित कुल उधार 25 करोड़ रुपये से अधिक न हो।
इस योजना के तहत ऋणों का पुनर्गठन 31 मार्च 2020 तक लागू किया जा सकता है।