मोबाइल फोन का इतिहास

      Mobile phone आज जिन्दगी का एक अहम् हिस्सा हो गया है। आज के समय में इन्सान के करीब सबसे अधिक कोई चीज है तो वो यही है। सही मायने में यह आपको लोगो से जिन्हें आप चाहते है जोडके रखता है।आज आप जो चाहे मोबाइल के जरिये कर सकते है, जैसे कि अगर आपको कंही जाना हो तो आप टूर प्लान का सकते है, होटल्स बुक कर सकते है और जिसे चाहे जिसके साथ चाहे आप बात कर सकते है। यह कोई ऐसा इन्वेंशन नहीं है, जो बहुत पुराना हो इसलिए हम कह सकते है  मोबाइल फोन का इतिहास कोई ज्यादा पुरानी नहीं है। अगर इसके बारे में शुरू से बात की जाये तो यह थोडा complicated मालूम होता है, क्योंकि हम बहुत पहले से ही  रेडियो डिवाइसेज का इस्तेमाल वायरलेस कम्युनिकेशन के लिए कर रहे है। यह करीब करीब उस से मिलता जुलता है, जिसे हम walkie talkie कहते है। आज भी मिलिटरी और फोर्सेज इसका इस्तेमाल कर रहे है | लेकिन रेडियो जिस तकनीक पर काम करता है आज के फ़ोन उस तरह काम नहीं करते है, क्योंकि आज के Mobile phones जिस तकनीक पर काम करते है वह उस से थोडा अलग है, और यह संभव होता है बहुत से towers और public switched telephone network के जरिये। यह इस तरह आपस में जुड़े होते है कि आप किसी भी नेटवर्क के कस्टमर होते हुए भी किसी भी दूसरे तरह के network पर कॉल कर सकते है फिर चाहे वह समंदर पार कोई विदेश की ही कम्पनी क्यों न हो |

      शुरू में Mobile phone बड़े size के होते थे और वो केवल बात करने के purpose के लिए ही बनाये जाते थे पर आज ऐसा नहीं है। आज Mobile phone  के लिए इन्टरनेट , टेक्स्ट मेसेज्स और कालिंग के साथ साथ बहुत सी दूसरी तरह की सुविधाओं का मजा भी ले सकते है | यह शुरू हुआ 1908 में जब वायरलेस मोबाइल जैसी अवधारणा के लिए एक पेटेंट Kentucky नाम की एक अमेरिकी स्टेट में फाइल किया गया | आधुनिक mobile phone की नींव पढ़ी जब 1940 के दशक के शुरुआत में AT&T नाम की एक कम्पनी ने Mobile base station के आधार पर काम करने वाले mobile phone को बनाने लगी | इस तरह हम कह सकते है की पहले के दौर का जो मोबाइल फ़ोन बना वो आज की तरह काम नहीं करता था और वह एक रेडियो की तरह जो एक से दूसरे तक सन्देश भेजने के लिए काम में आया करता था | 3 April 1973 को मोटोरोला ऐसी कम्पनी थी जो उस समय आम लोगो के लिए फ़ोन बनाने के लिए मास प्रोडक्शन करने लगी थी। उस दौर के मोबाइल फोन की जनरेशन को हम 0 G के नाम से जानते है और आजकल के मोबाइल 4 G और 3 G पर काम कर रहे है | आधुनिक जगत के mobile phone की अगर हम बात करें तो यह श्रेय जाता है मोटोरोला के ही एक कर्मचारी Martin Cooper को जिसने वाकई में एक प्रायोगिक तौर पर काम करने वाले फ़ोन को बनाया और यह पहला ऐसा पोर्टेबल डिवाइस था जिसे फ़ोन के तौर पर काम में लिया जा सकता था और अप्रेल 1973 को अपने विकसित किये गये इस फोन के साथ पहली कॉल करते हुए मार्टिन ने इतिहास रच दिया।

Posted on by