इंग्लैंड में क्रांति का आरंभ-

18 वीं सदी में इंग्लैंड में औद्योगिक क्रांति के लिए परिस्थितियां बहुत अनुकूल थी समुद्र पार के व्यापार के जरिए जिसमें दातों का व्यापार भी शामिल है इंग्लैंड ने पर्याप्त लाभ कमाया इस लाभ हमें उसको आवश्यक पूंजी उपलब्ध होगी यूरोपीय देशों के व्यापार की प्रतिद्वंद्विता मैं इंग्लैंड ऐसी शक्ति के रूप में उभरा जिसका कोई प्रतिद्वंदी नहीं था|

18 वीं सदी में बाढ़ आंदोलन आरंभ हो गए बड़े जमींदारों ने गांव में अलग-अलग फैली हुई अपनी सारी भूमि की पट्टियों की चकबंदी इस प्रकार की कि उनकी सारी भूमि एक साथ एकत्रित हो जाए इस प्रक्रिया में उन्होंने छोटे किसानों की भूमि की कुड़ियां भी अपनी भूमि में मिला ली और छोटे किसानों को भूमिहीन कर दिया था|

इस प्रकार भूमिहीन बेरोजगारों की एक विशाल संख्या हो गई इस कारण कारखाने में काम करने के लिए मजदूरों की कमी नहीं रही |

17वीं शताब्दी सदी की क्रांति के फलस्वरूप एक स्थाई सरकार की स्थापना हो चुकी थी इंग्लैंड के पास लोहा और कोयला जैसे प्राकृतिक संसाधन भी काफी मात्रा में विद्यमान थे जो उद्योगों के विकास के लिए आवश्यक थे लोहा और कोयला दोनों समीप प्राप्त है इससे इंग्लैंड बहुत सी कठिनाइयों से बच गए जिनका सामना अन्य देशों को  करना पड़ा| इंग्लैंड के जहाज उद्योग का भी बहुत विकास हो चुका था इसलिए उसे वस्तुओं को लाने ले जाने में कोई कठिनाई नहीं हुई थी| इस तरह से इंग्लैंड में औद्योगिक क्रांति का प्रारंभ होता है||

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