प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अप्रैल, 2016 को नोएडा में "स्टैंड अप इंडिया स्कीम" और इस योजना के लिए एक वेब पोर्टल का शुभारंभ किया।इसके अंतर्गत नये उद्यमियों को स्थापित करने में मदद की जायेगी, जिससे देश भर में रोजगार बढ़ेगा।
'स्टैंड अप इंडिया स्कीम' के अंतर्गत 10 लाख रुपये से 100 लाख रुपये तक की सीमा में ऋणों के लिए अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन जाति और महिलाओं के बीच उद्यमशीलता को प्रोत्साहन दिया जायेगा।
स्टैंड अप इंडिया की विशेषताएं इस प्रकार हैं:-
1. नये उद्यम स्थापित करने के लिए कार्यशील पूंजी घटक के समग्र के तौर पर 10 लाख रुपये से 100 लाख रुपये तक के बीच के संयुक्त ऋण।
2. कार्यशील पूंजी के आहरण के लिए डेबिड कार्ड (रूपे)।
3. ऋण प्राप्तकर्ता का ऋण इतिहास तैयार किया जाएगा।
4. 10 हजार करोड़ रुपये की प्रारंभिक धनराशि के साथ भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के माध्यम से पुन: वित्त सुविधा।
5. एनसीजीटीसी के माध्यम से ऋण गारंटी के लिए 5000 करोड़ रुपये के कोष का निर्माण।
6. ऋण पूर्व प्रशिक्षण आवश्यकताओं, ऋण को सुविधाजनक बनाने, फैक्टरिंग और विपणन आदि के लिए सहायता के साथ ऋण लेने वाले को व्यापक समर्थन।
7. ऑन लाइन पंजीकरण और सहायता सेवाओं के लिए वेब पोर्टल। इस प्रस्ताव का समग्र उद्देश्य अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिला ऋण प्राप्तकर्ताओं के द्वारा गैर कृषि क्षेत्र में उद्यमों की स्थापना के लिए बैंक ऋणों की सुविधा प्रदान करते हुए जनसंख्या के सेवाधीन क्षेत्रों तक पहुंच बनाने के लिए संस्थागत ऋण संरचना का लाभ उठाना है। इस पहल से अन्य विभागों में चल रही योजनाओं के साथ सहयोग करने का भी लाभ मिलेगा।
8. इस प्रक्रिया का नेतृत्व सिडबी के द्वारा संपूर्ण देश के विशेष संस्थानों के विभिन्न क्षेत्रों में दलित इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सहयोग से किया जाएगा। सिडबी के कार्यालय और कृषि एवं ग्रामीण विकास राष्ट्रीय बैंकों को स्टैंड अप संपर्क केंद्रों के तौर पर नामित किया जाएगा।