प्रतिदिन की भाषा मे दूरी और विस्थापन एक ही अर्थ में प्रयोग किये जाते हैं, परन्तु भौतिक में इन दिनों शब्दो के भिन्न-भिन्न अर्थ होते हैं।
"जब एक वस्तु एक बिन्दु से दूसरी बिन्दु की ओर चलती है, तो चली गई दूरी वस्तु द्वारा तय किये गए अप्रत्यक्ष मार्ग की लंबाई होती है, जबकि विस्थापन प्रारंभिक और अन्तिम स्थितियों के बीच सीधी रेखा मार्ग को बतलाता है। इसीलिए, गतिशील वस्तु द्वारा चली गयी दूरी जो भी हो, वस्तु का विस्थापन सदैव वस्तु की प्राम्भिक और अन्तिम स्थितियों के बीच सबसे कम दूरी द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।"
★चली गयी दूरी केवल परिणाम होता है, जबकि विस्थापन परिणामके साथ-साथ दिशा भी होती है। स्पस्ट है कि दूरी एक अदिश राशि है जबकि विस्थापन एक सदिश राशि है। गतिसील वस्तु द्वारा चली गयी दूरी शून्य नही हो सकती, परन्तु वस्तु का अंतिम विस्थापन शून्य हो सकता है। किसी गतिसील वस्तु का विस्थापन शून्य तब होगा जब एक निश्चित दूरी चलने के बाद वस्तु अंततः अपने प्रारंभिक बिंदु पर वापस आ जाती है।