भारतीय संविधान Easy Notes - 12 (1858 - 1919 ई. (ब्रिटिश क्राउन का शासन) )

 क्रमशः..

Day - 12

भारत सरकार अधिनियम (भारतीय परिषद् अधिनियम, 1858)

  • 1857 ई. की क्रांति के पश्चात् ब्रिटिश संसद ने एक कानून ऐक्ट फॉर दी बेटर गवर्नमेंट ऑफ इण्डियाके नाम से पारित किया। जिसें ‘भारतीय परिषद् अधिनियम, 1858’ (Indian Council Act, 1858) कहा जाता है।
  • इस अधिनियम के द्वारा ब्रिटिश सरकार ने देशी राज्यों को यह आश्वासन दिया था कि भविष्य में उनकी स्वतंत्रता का अपहरण नहीं किया जायेगा।
  • 1858 ई. के अधिनियम ने भारत के शासन को कम्पनी के हाथों से लेकर सम्रात को हस्तान्तरित कर दिया। भारत का शासन इंग्लैण्ड की साम्राज्ञी (क्राउन) के नाम से किया जाने लगा।
  • भारत का गवर्नर जनरल अब भारत का ‘वायसराय’ कहलाने लगा। कम्पनी के समय के ‘बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स’ तथा ‘बोर्ड ऑफ कंट्रोल’ को समाप्त कर दिया गया और उसके समस्त अधिकार ‘भारत के राज्य सचिव’ (Secretary of State For India) सौंप दिये गये।
  • भारत का रज्य सचिव ब्रिटिश मंत्रिमण्डल का एक सदस्य होता था और ब्रिटिश पार्लियामेंट के प्रति उत्तरदायी होता था।
  • भारत का राज्य सचिव ब्रिटेन में रहता था और वह सर्वशक्तिमान था। यद्यपि वायसराय भारत में रहता था किन्तु उसके पास शक्ति नाममात्र की थी।
  • भारत सचिव वास्तव में उस समय बहुत ज्यादा सर्वशक्तिमान बन गया था लेकिन भारत से 6,000 मील की दूरी पर इंग्लैण्ड में बैठकर भारत का शासन-सूत्र सँभालना उसके लिए सम्भव नही था; फलतः भारत सरकार के ऊपर राज्य-सचिव का नियंत्रण नाम-मात्र का ही था।

जारी..

मिलते है हम अगले दिन, भारतीय परिषद् अधिनियम, 1861 विषय पर चर्चा करने के लिये..

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