सन्दर्भ
4 जुलाई 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डीएनए प्रोधोगिकी विधेयक 2018 को मंजूरी दे दी थी।
क्या है?
फोरेंसिक डीएनए प्रोफाइल का ऐसे अपराध के समाधान में स्पस्ट महत्त्व है जिनमे मानव शरीर जैसे हत्या , रेप , मानव तस्करी तथा चोरी से संबंधित मामले से जुड़ अपराध का समाधान किय जाता है
विधेयक की विशेषताये
इस विधेय के अनुसार , राष्ट्रीय और क्षेत्रीय डीएनए डेटा बैंको को पीड़ितों की पहचान
सन्दिग्ध ब्यक्ति की पहचान गायब ब्यक्ति और और अजात मानव अवशेषों के लिए राष्ट्रीय डेटाबेस बने रखना
डीएनए प्रोफाइल लीक करने पर 3 साल की जेल और 1लाख तक जुर्माना लगाया जाएगा जो इसके हकदार नई है उन संस्थाओ पर
डीएनए प्रोफाइल सिर्फ व्यक्ति की पहचान के लिए किया गया है ना कि किसी अन्य उद्देश्यों से
बड़ी आपदाओं के शिकार हुए लोगो की पहचान इससे की जाएगी।