⚫ संदर्भ-
➡ 2 जुलाई , 2018 को 45 स्क्वाड्रन ' फ्लाइंग ड्रैगर्स ' के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस ने औपचारिक रूप से ग्रुप कैप्टन एस धनकर के तहत तमिलनाडु के कोयंबटूर के पास सुलुर में वायु सेना स्टेशन से परिचालन शुरू किया।
➡ केरल के तिरुवंतपुरम में दक्षिणी वायु कमान बेस को वायु सेना के संचालन की संकल्पना में तेजस को एकीकृत करने की जिम्मेदारी दी गई है ।
➡ तेजस एचएएल द्वारा भारत में डिजाइन, विकसित और निर्मित पहला उन्नत फ्लाई-बाय-वायर लड़ाकू विमान है। इसमें उपग्रह-सहायता प्राप्त जड़ताल नेविगेशन सिस्टम है।
⚫ तेजस लड़ाकू विमान-
➡ तेजस देश का पहला उन्नत फ्लाई-बाय-एयर लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) है जिसे स्वदेशी स्वामित्व वाली हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड द्वारा डिजाइन विकसित और निर्मित किया गया है।
➡ यह हल्के एकल सिंगल सीट बहू भूमिका जेट लड़ाकू विमान है ।
➡ इसे दुनिया के सबसे छोटे और हल्के सुपरसोनिक लड़ाकू विमान के रूप में जाना जाता है ।
➡ यह एकल इंजन द्वारा संचालित है इसे लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट कार्यक्रम के तहत विकसित और निर्मित किया गया था, जब जिसे 1980 के दशक में भारत के पुराने हो चुके मिग-21 लड़ाकू विमानों को बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई थी ।
➡ यह सैटेलाइट नेवीगेशन सिस्टम से लैस है । यह डिजिटल कंप्यूटर आधारित हमला प्रणाली से लैस है।
➡ यह हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, बम और निर्देशित गोला बारूद ले जा सकता है। इसकी 400 किलोमीटर से अधिक की सीमित पहुंचा है ।
➡ इसका उपयोग मुख्य रूप से निकट एयर-टू-ग्राउंड ऑपरेशंस के लिए किया जाएगा ।
➡ एलसीए तेजस आईएफ में शामिल होने के लिए भारत का पहला स्वदेशी लड़ाकू नहीं है ।
➡ अप्रैल, 1967 में आईएएफ ने स्वदेशी एचएफ-24 मारुत लड़ाकू विमान के साथ पहला ऑपरेशन स्क्वाड्रन बनाया था ।