GPS
यह ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम का संक्षिप्ताक्षर है। यह उपग्रह आधारित एक नौकाचालान पद्धति(NAVIGATION सिस्टम) है जिसमें टेपरिकॉर्डर अाकार के एक अभिग्राही के माध्यम से किसी स्थान की अक्षांशीय ,देशांतरीय तथा समुद्र तल से उसकी ऊंचाई का ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है। इसके माध्यम से किसी यान की गति तथा पर्वतों की ऊंचाई की जानकारी प्राप्त की जा सकती हैं। जीपीएस के लिए उपग्रहों की एक श्रृंखला पृथ्वी से 20200 किलोमीटर ऊपर स्थापित की गई है। इसकी सर्वप्रथम शुरुआत अमेरिका के द्वारा जीपीएस नाम से 1976 में किया गया। इसमें 1993 तक अमेरिका ने 24 उपग्रहों को 20200 किलोमीटर पर स्थापित कर इस कार्यक्रम को पूरा किया।अमेरिका की तर्ज पर रूस ने भी ग्लोनास(Glonas) तथा यूरोपीय संघ ने गैलीलियो योजनाओं का आरंभ किया । ये दोनों ही सेवाएं अमेरिका के जीपीएस की तरह उपग्रह नौकाचालन सेवाएं हैं पृथ्वी के किसी बिंदु पर स्थित अभिग्राही 4 उपग्रहों पृथ्वी के किसी बिंदु से एक साथ दृश्य होते हैं, के माध्यम से triletration ट्राईलेट्रेशन प्रक्रिया के माध्यम से स्थिति की जानकारी देते।
shuttle(शटल)
शटल ऐसे यान होते हैं जिन्हें रॉकेट की तरह प्रक्षेपित किया जाता है, और उपग्रह की भांति पृथ्वी की कक्षा में चक्कर लगाकर लगाते हैं तथा हवाई जहाज की तरह पृथ्वी पर वापस लौट आते हैं। अभी तक अमेरिका की अंतरिक्ष अभिकरण नासा ने 5 शटलों का निर्माण किया है यह शटल है
1.चैलेंजर
2.कोलंबिया
3.अटलांटिस
4.डिस्कवरी
5. एंडी एवर
इसमें कोलंबिया पहला शटल है जिसे 1981 में पहली बार अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया था। फरवरी 2003 में अंतरिक्ष केंद्र से वापस आ रहा था तभी दुर्घटना होने के कारण भारतीय मूल की नागरिक कल्पना चावला सहित सात अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की मृत्यु हो गई थी।