एजूसैट :

20 सितंबर , 2004 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से शिक्षा कार्य के लिए समर्पित दुनिया के पहले उपग्रह ' एजुसैट ' सफलतापूर्वक भू- स्थैतिक कक्षा में स्वदेश निर्मित समस्थानिक उपग्रह प्रक्षेपण यान (G S L V F - 01)की सहायता से स्थापित किया गया । एजुसेट में समावेश की गई नई प्रौद्योगिकी को आई- 2 नाम दिया गया है ।  इस की जीवन अवधि 7 वर्ष निर्धारित है ।  यह जो साइट के माध्यम से शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम प्रसारित किए जा रहे हैं

नोट:

एजुसैट प्रक्षेपित करने वाले प्रक्षेपण यान का निर्माण विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर , तिरुवंतपुरम में किया गया तथा एजुसेट का निर्माण इसरो के बंगलुरु स्थित केंद्र में किया गया है।  जीएसएलवी की पहली कार्यात्मक उड़ान थी। 

हैमसैट:

PSLV C6 dwara cartosat - 1 के साथ ही संचार उपग्रह (हैमसैट) को एक अतिरिक्त उपग्रह के रूप में 5 मई 2005 को छोड़ा गया हैंमसेट एक छोटे आकार का उपग्रह है।  जिसका उद्देश्य देश और विश्व के शौकियाऑपरेटरों को उपग्रह आधारित रेडियो सेवा मुफ्त उपलब्ध कराना है ।  इस की जीवन अवधि लगभग 2 वर्ष है

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