गंगा नदी अपवाह तंत्र ।

इसका उद्गम गंगोत्री हिमनद से हुआ है। जो भागीरथी और अलकनंदा को संयुक्त रूप से गंगा के नाम से जाना जाता है। अलकनंदा की सहायक नदी पिंडारी नदी (कर्णप्रयाग), मंदाकिनी नदी (रुद्रप्रयाग) एवं धौलीगंगा एवं विष्णु गंगा है।बद्रीनाथ का प्रसिद्ध मंदिर अलकनंदा नदी के तट पर स्थित है। गंगा पूर्व दिशा के पश्चिम बंगाल के फरक्का तक जाती है। जहा यह दो धाराओं में बढ़ जाती है हुगली और भागीरथी भागीरथी बांग्लादेश में प्रवेश करती है। जहां पर ब्रह्मपुत्र नदी से मिलने के बाद पद्मा और अनंत:मेघना नाम से बहती हुई बंगाल की खाड़ी में गिर जाती है। गंगा की सबसे बड़ी सहायक नदी यमुना है जो बंदरपूंछ चोटी के यमुनोत्री हिमालय से निकलती है। यमुना के दाएं तरफ की सहायक नदियां चंबल, सिंध, बेतवा, केन इत्यादि है। कोसी गंगा के बाएं तरफ से मिलती है जिसे बिहार का शोक कहा जाता है। गोमती घाघरा गंडक गंगा के तट पर स्थित है दामोदर हुगली नदी के दाएं तरफ की एक प्रमुख नदी है जिसे बंगाल का शोक कहां जाता है। गंगा पर ही राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 01 इलाहाबाद से हल्दिया तक की स्थित है।

गंगा:

गंगा की कुल लंबाई 2525 किलोमीटर है। मुहाना बंगाल की खाड़ी। भारत की नदियों में सबसे बड़ा अपवाह तंत्र 2008 में गंगा को राष्ट्रीय नदी का दर्जा मिला। 2017 में गंगा तथा यमुना को उत्तराखंड हाई कोर्ट ने जीवित मानव का दर्जा दिया है। गंगा नदी के किनारे बसने वाला सबसे बड़ा नगर कानपुर है ।उत्तराखंड यूपी बिहार और पश्चिम बंगाल में गंगा नाम से जानी जाती है यमुना नदी यूपी के कुल 19 जिलों से होकर बहती है। गंगा यूपी के 28 जिलों से होकर बहती है।( बिजनौर - बलिया)

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