अनुपूरक अनुदान -- यदि विनियोग विधेयक द्वारा किसी भी से सेवा पर चालू वर्ष के लिए व्यय किए जाने के लिए प्राधिकृत कोई राशि अपर्याप्त पाई जाती है या वर्ष के बजट में उल्लिखित की गई और किसी नई सेवा पर खर्च की आवश्यकता उत्पन्न हो जाती है , तो राष्ट्रपति एक अनुपूरक अनुदान संसद के समक्ष पेश करवाएगा । अनुपूरक अनुदान और विनियोग विधेयक दोनों के लिए एक ही प्रक्रिया विहित की गई है।
बजट सत्र - यह सत्र फरवरी के दूसरे या तीसरे सप्ताह के सोमवार को आरंभ होता है।इसे बजट सत्र इसलिए कहते हैं कि इस सत्र में आगामी वित्तीय वर्ष का अनुमानित बजट प्रस्तुत, विचरित और पारित किया जाता है।
सामूहिक उत्तरदायित्व- अनुच्छेद 75(3) के अनुसार मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदाई होगा। इसका अभिप्राय है कि वह अपने कार्यों उत्तरदायित्वों और कार्यप्रणाली के लिए लोकसभा में सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है । किसी एक मंत्री के प्रति अविश्वास अथवा उसके द्वारा इसी प्रकार के विशेषाधिकार के हनन की सूचना प्रमाणित होने पर सदन समस्त मंत्री परिषद के प्रति अविश्वास मत या निंदा प्रस्ताव पारित करता है। इसका एक ही अर्थ है मंत्री परिषद का पतन एवं नई सरकार का गठन।
कटौती प्रस्ताव- सत्ता पक्ष सदन की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत अनुदान की मांगों में से किसी भी प्रकार की कटौती के लिए विपक्ष या सत्ता पक्ष द्वारा रखे गए प्रस्ताव को कटौती प्रस्ताव कहा जाता है। सरकार की नीतियों की अस्वीकृति को दर्शाने के लिए किसी भी सदस्य द्वारा ₹1 की कटौती का प्रस्ताव किया जाता है।जिसका अर्थ यह भी होता है कि प्रस्तावों मांग के मुद्दों का स्पष्ट उल्लेख किया जाए।