1932 ईस्वी में अल्पतगीन ने गजनी में एक स्वतंत्र राज्य की स्थापना की। जिसे गजनी वंश के नाम से जाना जाता है। सुबुकतगीन अल्पगीन का गुलाम और दामाद था, और 1977 ईस्वी में गजनी का शासक बना सुबुक्तगीन की मृत्य 997 ईस्वी में हुई उसने अपने पुत्र इस्माइल को अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया। 1998 ईस्वी में महमूद गजनवी ने अपने भाई स्माइल की हत्या कर दी और गजनी पर अधिकार कर लिया। बगदाद का खलीफा (अल कादर बिल्लाह) ने महमूद गजनवी को (यामिनी - उद - दौला) की उपाधि से सम्मानित किया। इसलिए इसके वंश को यामिनी वंश के नाम से जाना जाता है। हेनरी इलियट के अनुसार: महमूद गजनवी ने भारत पर 17 बार आक्रमण किया 27 नवंबर 1001 को अपना पहला आक्रमण हिंदू शाही राज्य पर किया हिंदू शाही का राजा जयपाल था। जो निरंतर पराजय के कारण आत्महत्या कर ली महमूद गजनवी के साथ अलबरूनी भारत आया अलबरूनी ने तारीख -ए- हिंद (किताब -उल -हिंद) की रचना की अल बिरूनी प्रथम मुसलमान था। जिसने पुराण का अध्ययन किया महमूद गजनवी का 16 वां आक्रमण 1025-26 मैं सोमनाथ पर हुआ। यहां का शासक भीमदेव था ।17 वा आक्रमण 1027 ईसवी में सिंधु वह मुल्तान के पास रहने वाले जाटों व खोखरों पर हुआ हुआ था 1030 ईसवी में महमूद गजनवी की मृत्यु 59 वर्ष की आयु में गजनी में हुई गजनवी गोगाजी मूर्ति भंजक तथा बूटकिशन के नाम से जानते हैं।