1971 में इंटेल कंपनी के एक अभियंता एम ई टेड हॉफ (m.e. ted hoff) ने कंप्यूटर के सीपीयू (CPU) के लगभग सभी कार्यों को एक ही छोटे आई सी पर जोड़ना (INCORPORATE) संभव बना दिया, जिसे माइक्रो प्रोसेसर (MICROPROCESSOR) कहा गया। इसके प्रयोग से छोटे, सस्ते एवं व्यक्तिगत (PERSONAL) कंप्यूटरों का निर्माण आरंभ हो गया। इन कंप्यूटरों को चौथी पीढ़ी (FOURTH GENERATION) का कंप्यूटर कहा गया। इंटेल 4004 को दुनिया का पहला व्यवसायिक माइक्रोप्रोसेसर (COMMERCIAL MICROPROCESSOR) माना जाता है । 1972 में अमेरिका की जेराक्स कारपोरेशन के पालो आल्टो रिसर्च सेंटर में कागज रहित कार्यालय (PAPERLESS OFFICE CONCEPT) संकल्पना ने जन्म लिया। इस सेंटर में 1973 में ऑल्टो नामक प्रथम पर्सनल कंप्यूटर का प्रदर्शन किया।
1970 के दशक में शौकिया लोगों (AMATEURS) ने मिलकर एक होमब्रियू कंप्यूटर क्लब का गठन किया। इस क्लब ने 1976 में एप्पल 1 नामक कंप्यूटर का सफल प्रदर्शन किया। पर्सनल कंप्यूटर को विश्व में लोकप्रिय बनाने का श्रेय एप्पल श्रेणी के कंप्यूटरों को जाता है । बिल गेट्स भी इस क्लब के सदस्य थे । 1981 में आईबीएम (IBM) का प्रवेश पर्सनल कंप्यूटर बाजार में हुआ । उसने बिल गेट्स की माइक्रोसॉफ्ट कंपनी से समझौता कंप्यूटर के क्षेत्र में क्रांति ला दी।
1993 में इंटेल ने अत्याधुनिक सक्षम पेंटीयम माइक्रोप्रोसेसर बाजार में पेश किया। 1983 में प्रयुक्त माइक्रोप्रोसेसर 8088 तुलना में 1995 में इंटेल पेंटीअम माइक्रो प्रोसेसर का क्लॉक स्पीड 4.7 मेगा हर्ट्ज से बढ़कर 120 मिनट मेगाहर्ट्ज हो गया।