ग्रामीण बैंक की स्थापना

ग्रामीण बैक की स्थापना 2 अक्टूबर, 1975 ई. को हुई। इस दिन 5 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को स्थापित किया। गया-मुरादाबाद तथा गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) भिवानी (हरियाणा), जयपुर (राजस्थान) तथा मालदा (पश्चिम बंगाल) सिस्किम और गोवा को छोड़कर देश के सभी राज्यों में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक कार्यरत हैं । क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में केंद्र सरकार, राज्य सरकार तथा प्रवर्तक बैंक 50 : 15 : 35 के अनुपात में पूँजी लगाती है । स्वाभिमान योजना का संबंध ग्रामीण बैंकिंग से है । केलकर समिति की सिफारिशों को मानते हुए सरकार ने 1987 में नए क्षेत्रीय ग्रामीण बैकों की स्थापना बंद कर दी । उस समय तक इसकी संरव्या 196 थी । फिलहाल देश में 56 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक काम कर रहे हैं (RBI - april,2015) 

बैंकिंग प्रणाली की पुनर्सरचना के संबंध में सुझाव देने हेतु 1991 ई. में नरसिम्हम् समिति का गठन किया गया । 

राष्टीय कृषि तथा ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) देश में कृषि एवं ग्रामीण विकास हेतु वित्त उपलब्ध कराने वाली शीर्ष संस्था है । नाबार्ड की चुकता पूँजी 2,000 करोड़ रुपये है, जिसमें 72.5% हिस्सेदारी RBI की है । नाबार्ड का मुख्यालय मुम्बई में है । इसकी स्थापना शिवरमन कमेटी की संस्तुति पर हुई थी । किसान क्रेडिट कार्ड का आरंभ करने तथा 'स्वयं सहायता समूहों' को बैंकों से जोड़ने में नाबार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है । 

किसान क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत अगस्त 1998 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा द्वारा की गई थी।

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