कांग्रेस का प्रथम वार्षिक अधिवेशन 28 दिसम्बर 1885 को बम्बई के ग्वालिया टैंक मे स्थित गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कालेज में हुआ। जिसके अध्यक्ष डब्लू सी बनर्जी थे।
कांग्रेस का तीसरा वार्षिक अधिवेशन 27 दिसम्बर 1887 में मद्रास में हुआ। इसी अधिवेशन में बद्रूद्दीन तैय्यब जी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष चुना गया था।
कांग्रेस का चैथा अधिवेशन इलाहाबाद में 1888 ई0 हुआ। जार्ज यूले इस अधिवेशन में प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष चुने गये। इसी अधिवेशन में कांग्रेस का संविधान तय किया गया।
जार्ज यूले, विलियम बेडरबर्न, अल्फ्रेड वेब, सर हेनरी काटन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए चुने जाने वाले अंग्रेज सदस्य थे।
कांग्रेस का छठां सम्मेलन कलकत्ता में 1890 मंे किया गया। जिसके अध्यक्ष फिरोजशाह मेहता थे।
इस अधिवेशन में कलकत्ता विश्वविद्यालय की पहली महिला स्नातक कादंम्बिनी गांगुली ने संबोधित किया।
कांग्रेस का बारहवाँ सम्मेलन कलकत्ता में रहीमतुल्ला सयानी की अध्यक्षता में 1896 ई0 को हुआ।
1923 ई0 में कांग्रेस के विशेष अधिवेशन दिल्ली अधिवेशन कि अध्यक्षता मौलाना अबुल कलाम आजाद ने की। इस समय इनकी उम्र 35 वर्ष थी। ये सबसे कम उम्र के कांग्रेस अध्यक्ष हुये।
सन् 1925 ई0 मे कानुपर में आयोजित कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में सरोजनी नायडू को अध्यक्ष पद के चुना गया। सरोजनी नायडू भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए चुने जाने वाली प्रथम भारतीय महिला थी।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कराची अधिवेशन (सन् 1931 ई0) में पहली बार मौलिक अधिकार का प्रस्ताव पारित किया गया।
भारतीय राष्ट्रीय कांगे्रस के लखनऊ अधिवेशन (सन् 1936, अध्यक्ष जवाहर लाल नेहरू) में कांग्रेस का लक्ष्य समाजवाद निर्धारित किया गया।