प्रमुख बातें

कांग्रेस मंच से वंकिम चन्द्र चटर्जी ने बन्दे मातरम् का गान पहली बार गया। (1896 कलकत्ता अधिवेशन)

      21वाँ अधिवेशन 1905ई0 में बनारस में हुआ। जिसके अध्यक्ष गोपाल कृष्ण गोखले थे।

      बनारस अधिवेशन में गोपाल कृष्ण गोखले को विपक्ष के नेता की उपाधि दी गयी।

      22वाँ अधिवेशन कलकत्ता में 1906 में हुआ जिसकी अध्यक्षता दादाभाई नौरोजी ने की थी।   इस अधिवेशन मे पहली बार कांग्रेस के प्रस्ताव में ‘स्वराज’ शब्द का प्रयोग किया गया।

      कांग्रेस का 23वाँ अधिवेशन सन् 1907ई0 मंे रासबिहारी घोेष की अध्यक्षता में सूरत में हुआ।

      इस अधिवेशन में काग्रंेस नरमदल एवं गरमदल में बँट गयी।

      कांगे्रेस का 26वाँ अधिवेशन कलकत्ता में 1911ई0 में हुआ जिसके अध्यक्षता बिशन नारायण थे।

      कांग्रेस के इसी अधिवेशन में पहली बार ‘रवीन्द्र नाथ टैगोर’ द्वारा रचित राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का पहली बार गान हुआ।

      27वाँ अधिवेशन बाकीपुर में 1912ई0 मंे हुआ अध्यक्ष आर0एन0 मधुकर थे।

      एलन आॅक्टेवियन ह्यूम को ‘कांगे्रस का पिता’ कहा गया है।

      31वाँ अधिवेशन लखनऊ में 1916 में अम्बिका चरण मजूमदार की अध्यक्षता में हुआ।

      इस अधिवेशन मे तिलक एवं एनी बेसेन्ट के प्रयास से कांगे्रस एवं मुस्लिम लीग में समझौता हो गया। इसे लखनऊ समझौता कहा जाता है।

-शेष अगले भाग में

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