मदन मोहन मालवीय ने इस समझौते का विरोध किया था।
32वाँ अधिवेशन कलकल्ता में 1917 में एनीबेसेन्ट की अध्यक्षता में हुआ।
एनीबेसेन्ट कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्षा थी।
33वाँ अधिवेशन दिल्ली-1918 ई0 में मदन मोहन मालवीय के अध्यक्षता मंे हुयी।
कांग्रेस का पहली बार विशेष अधिवेशन बम्बई में 1918 में सैय्यद हसन इमाम की अध्यक्षता में हुआ।
कांग्रेस का दूसरा विशेष अधिवेशन 1920 ई0 में कलकत्ता मंे लालालाजपत राय की अध्यक्षता में हुआ। इस विषेश अधिवेशन में असहयोग आन्दोलन का प्रस्ताव स्वीकार किया गया।
कांग्रेस का तीसरा विशेष अधिवेशन 1923 ई0 मंे दिल्ली में अबुल कलाम की अध्यक्षता में हुयी।
कांग्रेस का 40वाँ अधिवेशन-1925 में कानपुर मे सरोजनी नायडू की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।
वह कांग्रेस की प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष निर्वाचित हुयी।
कांगे्रस का 44वाँ अधिवेशन 1929 में लाहौर में प0 जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।
इस अधिवेशन में ‘पूर्ण स्वराज’ का प्रस्ताव पारित किया किया गया तथा 26 जनवरी को ‘स्वतन्त्रता दिवस’ मनाने का निश्चय किया गया।
कांग्रेस का 45वाँ अधिवेशन 1931 में कराँची में बल्लभ भाई पटेल की अध्यक्षता मेें सम्पन्न हुआ।
कांग्रेस के कराँची अधिवेशन (1931) में मौलिक अधिकार का प्रस्ताव पारित किया गया। कराँची अधिवेशन में गाँधी जी ने कहा था, गाँधी मर सकते हैं, परन्तु गाँधीवाद हमेशा जिन्दा रहेगा।
-शेष अगले भाग में