भूगोल का अर्थ एवं उसका इतिहास एवं कुछ शाखाएं पार्ट 2

भूगोल की शाखाएं

वर्तमान में भूगोल को अनेक प्रकार से विभाजित करने का प्रयत्न किया गया है।
परंपरा के अनुसार भूगोल को दो भागों में बांटा जा सकता है जो निम्नलिखित हैं-
•    भौतिक भूगोल
•    मानव भूगोल       
भौतिक भूगोल को निम्न उप शाखाओं में विभाजित किया गया है
•    भू गणितीय भूगोल
•    स्थलाकृति बोल भूगोल
•    जलवायु विज्ञान
•    समुद्र विज्ञान
•    जैव भूगोल
•    मृदा भूगोल
•    नृवंश भूगोल
•    पारिस्थितिकी भूगोल
मानव भूगोल के शाखाएं का निम्नलिखित हैं
•    सांस्कृतिक भूगोल
•    राजनैतिक भूगोल
•    आर्थिक भूगोल
•    जनसंख्या भूगोल
•    प्रादेशिक भूगोल
•    आवासीय भूगोल
आधुनिक काल में मात्रात्मक विश्लेषण और पर्यावरण की समस्याओं को भूगोल के अध्ययन में सम्मिलित किया गया है। इसलिए भूगोल विषय का अध्ययन निम्न दृष्टिकोणों के अंतर्गत किया जाता है
1.    क्रमबद्ध उपागम(approach) :- इसमें भू आकृति, जलवायु, मृदा, वनस्पति, परिवहन, व्यापार आदि का अलग से पूरी पृथ्वी के लिए अध्ययन किया जाता है
2.    प्रादेशिक उपागम:- इसके अंतर्गत पृथ्वी को प्रदेशों में विभाजित किया जाता है।
3.    विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण उपागम:- इसमें आंकड़े और उसकी विधियों का समावेश किया गया है।
4.    पर्यावरणीय दृष्टिकोण उपागम:- इसमें पर्यावरण में होने वाले वांछनीय और पर्यावरण को प्रदूषित करने वाले प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता का क्षरण, प्राकृतिक आपदाओं का अध्ययन एवं प्रबंधन करना शामिल है।
 
*व्यवस्थित भूगोल का जनक इरेटोस्थनीज को कहा जाता है जबकि भौतिक भूगोल का जनक पोलिडोनियस को कहा जाता है। सांस्कृतिक भूगोल का जनक कार्ल -ओ – सावर। भू- गणितीय भूगोल के संस्थापक थेल्स व एनेक्सी मेंडर है। क्षेत्रीय भूगोल का जनक कार्ल रिटर है।
 

 

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