बरारी घाटी का युद्ध 9 जनवरी 1760 को हुआ था। बरारी घाटी का युद्ध भारतीय इतिहास में पतन की ओर अग्रसर मुगल साम्राज्य पर नियंत्रण के लिए मराठों पर की गई अफगान विषयों में से एक है। जिसने अंग्रेजो को बंगाल में पैर जमाने का समय दे दिया।
दिल्ली से 16 किलोमीटर उत्तर में यमुना नदी के बरारी घाट पर पंजाब से अहमद शाह दुर्रानी की अफगान सेना से पीछे हट रहे मराठा सरदार दत्ता जी शिंदे पर ऊंचे उगे सर कंडों की आड़ में छिपे अफगान सिपाहियों ने नदी पार करके अचानक हमला कर दिया। दत्ता जी मारे गए और उनकी सेना तितर-बितर हो गई उनकी पराजय से दिल्ली पर अब कानों के अधिकार का मार्ग प्रशस्त हो गया।