➡ अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 1998 के प्रावधानों के अनुसार ,अमेरिकी विदेश सचिव प्रतिवर्ष ऐसी सरकारों को 'विशेष चिंता वाले देशों' के रूप में निर्दिष्ट करते हैं , जो धार्मिक स्वतंत्रता की भयंकर उल्लंघन में शामिल हैं या उन्हें नजरअंदाज करती हैं ।
➡ 22 दिसंबर ,2017 को अमेरिकी विदेश सचिव ने बर्मा (म्यांमार), चीन, इरीट्रिया, इरान ,उत्तर कोरिया ,सूडान, सऊदी अरब ,तजाकिस्तान ,तुर्कमेनिस्तान तथा उज्बेकिस्तान को 'विशेष चिंता वाले देशों ' के रूप में पुनर्नामित किया ।
➡ इसके अतिरिक्त अमेरिकी विदेश सचिव ने धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघनों के लिए पाकिस्तान को विशेष निगरानी सूची में शामिल किया।
➡ उल्लेखनीय है कि यह प्रथम अवसर है , जब अमेरिकी विदेश विभाग ने विशेष निगरानी सूची की घोषणा की है, हालांकि विभाग ने केवल पाकिस्तान को ही इस सूची में शामिल किया है ।
➡ विशेष निगरानी सूची, एक नई सूची है जिसका श्रजन फ्रैंक आर. वुल्फ अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2016 के प्रावधानों के अनुसार किया गया है ।
➡ उल्लेखनीय है कि फ्रैंक आर. वुल्फ अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2016 के द्वारा अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 1998 में संशोधन के माध्यम से अमेरिकी सरकार को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए नए साधनों ,संसाधनों एवं जिम्मेदारियों ओं से लैस किया गया है।
➡ ज्ञातव्य है कि 20 नवंबर ,2017 को अमेरिकी विदेश सचिव द्वारा उत्तर कोरिया को 'आतंकवाद का प्रायोजक देश' घोषित किया गया है।