आरक्षण की व्यवस्था केंद्र और राज्य में सरकारी नौकरियों, कल्याणकारी योजनाओं, चुनाव और शिक्षा के क्षेत्र में हर वर्ग की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए की गई ताकि समाज के हर वर्ग को आगे आने का मौका मिले. इसके लिए पिछड़े वर्गों को तीन श्रेणियों - अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में बांटा गया. इस समय भारत में कुल 49.5% आरक्षण दिया जा रहा है जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:
अनुसूचित जाति (SC):15%
अनुसूचित जनजाति (ST): 7.5%
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 27%
कुल आरक्षण: 49.5 %