-ऊनी वस्त्र उद्योग गांव और निर्यात आधारित उद्योग है जिसमें संगठित ,केंद्रित और ग्रामीण क्षेत्रों की सामान भागीदारी है यह रोजगार आधारित उद्योग है| जो 2.7 मिलीयन कर्मचारियों को व्यापक स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराता है| देश विश्व के कुल उन उत्पादन का 1.8 % उत्पादन कर सातवां स्थान रखता है कुल उत्पादन का केवल 5% परिधान कोर्स ग्रेड होता है जो विशेष धागे की एक छोटी मात्रा पश्मीना बकरी और अंगोरा खरगोश से प्राप्त होता है|
भारत में अतीत कल से ऊनी वस्त्रों के निर्माण की परंपरा रही है किंतु प्रथम आधुनिक कारखाना 1876 में कानपुर में तथा 1881 में धारीवाल (पंजाब )में स्थापित किया गया | पंजाब में 50 से अधिक कारखानों से युक्त ऊनी वस्त्रों का अग्रणी उत्पादन है जबकि महाराष्ट्र को द्वितीय स्थान प्राप्त है भारत में काली निर्माण की एक प्रमुख कुटीर उद्योग है जिसके प्रमुख केंद्र मिर्जापुर भदोही, गोपीगंज, शाहजहांपुर तथा आगरा उत्तर प्रदेश जयपुर ,जोधपुर, बीकानेर( राजस्थान ),श्रीनगर जम्मू एंड कश्मीर अमृतसर पंजाब पानीपत (हरियाणा) दानापुर ,बिहार, ग्वालियर (मध्य प्रदेश) चेन्नई तथा वालबेट तमिल नाडु जम्मू कश्मीर तथा हिमाचल में (साल )बनाना एक उन्नत कुटीर उद्योग है|
~ इस प्रकार ऊनी वस्त्र उद्योग अत्यधिक रोजगार परक क्षेत्र माना जाता है और इससे छोटे छोटे उद्योग धंधों और उनका आयात एवं निर्यात अनवरत मात्रा में बना रहता है|