नर्मदा घाटी परियोजना नर्मदा नदी पर स्थापित भारत की पांचवी सबसे बड़ी नदी घाटी परियोजना है
इसका मुख्य उद्देश्य सिंचाई जल विद्युत उत्पादन व विभिन्न कार्यों के लिए जल की आपूर्ति करना है।
यह गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र कीे संयुक्त परियोजना है।
नर्मदा नदी का उदगम सतपुड़ा पर्वतमाला की अमरकंटक चोटी से हुआ है।
इसके जल संसाधन सतलज, व्यास तथा रावी नदियों के संयुक्त विभव से कहीं अधिक है। यह 1312 किलोमीटर लंबी है तथा इसका कमान छेत्र 98796 वर्ग किलोमीटर है इसका 87% मध्य प्रदेश में 11.5% गुजरात में तथा 1.5% महाराष्ट्र में पड़ता है।
इस बांध के निर्माण का अत्यंत विरोध हो रहा है। विशेष रुप से पर्यावरणविदों का कहना है कि इसके निर्माण का पर्यावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। बांध में अत्यधिक जल जमाव से भूकंप के संभावनाएं भी बढ़ जाएंगी।
इन दुष्परिणामों को लेकर नर्मदा बचाओ आंदोलन की तहत इस परियोजना का विरोध हो रहा है।