खजुराहो के प्रमुख मन्दिर
मध्य प्रदेश के खजुराहो नामक गाँव में 10वीं शदी से 11वीं शदी के बीच कई प्रसिद्ध मन्दिरों का निर्माण किया गया है, जो आर्य शिखर शैली के है।
यहाँ के मन्दिर चबूतरों पर निर्मित है तथा इनके ऊपर छोटे-छोटे शिखर संलग्न है, जिन्हें उरू श्रंृग कहा गया है।
यहाँ के मन्दिरों को तीन समूहों में विभक्त किया गया है-
ऽ पश्चिमी समूह - इस समूह में विष्णु तथा शिव के मन्दिर है।
ऽ उत्तरी समूह - इस समूह में वैष्णव मन्दिर है।
ऽ दक्षिणी पूर्वी समूह - इस समूह में जैन मन्दिरों को रखा गया है।
पश्चिमी समूह का चैसठ योगिनी मन्दिर खजुराहो का सबसे प्राचीन तथा कंदरिया महादेव का मन्दिर यहाँ का सबसे बड़ा मन्दिर है।
गुजरात के प्रमुख मंदिर
सोमनाथ मन्दिर
ऽ यह मन्दिर गुजरात के पाटन में स्थित है, इसे भव्य रूप चालुक्यों ने प्रदान किया।
मोढ़ेरा का सूर्य मन्दिर
ऽ यह मन्दिर गुजरात के मेहसाना जिले में स्थित है।
बडौदा का सूर्य मन्दिर
अन्हिलवाड़ स्थित कर्ण मेरू मन्दिर
कोणार्क का सूर्य मन्दिर-
ऽ इस मन्दिर का निर्माण नरेश सिंह वर्मन प्रथम द्वारा करवाया गया इसके प्रवेशद्वार पर 16 तीलियों से युक्त एक चक्र प्राप्त हुआ है, जिसे सूर्य चक्र कहा गया है।
ऽ काले पत्थर से निर्मित होने के कारण यह मन्दिर काला पगोड़ा के नाम से प्रसिद्ध है। सम्पूर्ण मन्दिर सात घोड़ों द्वारा खींचा जा रहा हेै और दो गजगर्दन शेर प्रवेश द्वार की रक्षा कर रहा है।
पुरी का जगन्नाथ मन्दिर-
ऽ यह मन्दिर नागर शैली में बना है तथा इसका निर्माण अनन्तवर्मन चोड़ गंग ने करवाया।