➡ 14 नवंबर ,2018 को भारत के संचार उपग्रह जीसैट-29 का प्रक्षेपण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ ।
➡ इस उपग्रह को जीएसएलवी मार्क-3 प्रक्षेपण यान द्वारा प्रक्षेपित किया गया ।
➡ उल्लेखनीय है कि यह जीएसएलवी मार्क-3 की दूसरी विकासात्मक उड़ान थी ।
➡ ज्ञातव्य है कि जीएसएलवी मार्क-3 की पहली विकासात्मक उड़ान 5 जून ,2017 को संपन्न हुई थी ।
➡ संघ मिशन के तहत जीएसएलवी मार्क-3 डी-2 ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के द्वितीय लांच पैड से उड़ान भरी ।
➡ लिफ्ट-ऑफ के लगभग 17 मिनट पश्चात इस रॉकेट ने जीसैट-29 उपग्रह को भू तुल्यकालिक अंतरण कक्षा में स्थापित कर दिया ।
➡ तत्पश्चात कक्षोन्नयन की प्रक्रियाओं द्वारा यह उपग्रह भू तुल्यकालिक कक्षा से अंतिम वृत्ताकार स्थिर कक्षा में स्थानांतरित कर दिया गया ।
➡ ज्ञातव्य है कि जीसैट-29 इसका मल्टीबैंड, मल्टीबीम संचार उपग्रह है।
➡ इसका वजन 3430 किलोग्राम है ।
➡ यह भारतीय धरती से प्रक्षेपित किया गया अब तक का सबसे वजनी उपग्रह है ।
➡ यह उपग्रह अपने साथ ka/ku बैंड के संचार ट्रांसपोंडरों को लेकर गया है , जो भारत के सुदूर वर्ती क्षेत्रों विशेष रूप से जम्मू एवं कश्मीर तथा उत्तरी-पूर्वी क्षेत्रों के प्रयोग कर्ताओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से निर्मित किए गए है।
➡ इसके अतिरिक्त यह उपग्रह अपने साथ Q/V-बैंड पेलोड, उच्च विभेदन छमता का कैमरा तथा एक ऑप्टिकल संचार पर पेलोड लेकर गया है ।
➡ उल्लेखनीय है कि भविष्य में प्रस्तावित चंद्रयान-2 एवं गगन यान का प्रक्षेपण भी जीएसएलवी मार्क-3 द्वारा ही किया जाएगा