- केंद्रीय संसदीय मामलों के राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 12 दिसंबर 2018 को लोकसभा में बांध सुरक्षा विधेयक 2018 प्रस्तुत किया।
- इस विधेयक में देश में बांधों की सुरक्षा के लिए प्रावधान किया गया है।
- इसके द्वारा बांध की निगरानी निरीक्षण ऑपरेशन तथा देखभाल दुर्घटना की रोकथाम इत्यादि को सुनिश्चित किया जा सकेगा।
- इसके अनुसार बांध का मालिक बांध की सुरक्षा के लिए उत्तरदाई है।
- इस विधेयक के प्रावधानों का पालन न करने पर दंड की व्यवस्था भी है ।
विधेयक में निम्नलिखित प्रावधान :-
- इस विधेयक के द्वारा बांध के सुरक्षित कार्य के लिए कानूनी सुरक्षा की व्यवस्था है।
- इस में बांध की सुरक्षा से जुड़े हुए सभी पहलुओं का ध्यान रखा गया है।
- इस विधि के द्वारा संस्थागत फ्रेमवर्क की व्यवस्था की गई है ।
- इसमें राष्ट्रीय बाल सुरक्षा प्राधिकरण सुरक्षा पर राज्य समिति तथा राज्य बांध सुरक्षा संगठन शामिल है ।
- बांध के मालिक को 5 वर्ष के भीतर आपातकालीन एक्शन प्लान तैयार करना होगा।
- जबकि नए बांध के लिए बांध के भरने से पहले ही आपातकालीन एक्शन प्लान तैयार किया जाना चाहिए।
- बांध के मालिक को हाइड्रो मेट्रोलॉजिकल नेटवर्क तथा आपातकालीन चेतावनी प्रणाली की स्थापना करनी होगी।
- प्रत्येक राज्य में बांध की सुरक्षा के लिए राज्य बांध सुरक्षा संगठन की स्थापना की जाएगी।