झूम खेती

हाल ही में नीति आयोग ने स्थानांतरित खेती पर  'स्थानांतरित खेती करने पर मिशन : एक परिवर्तनकारी दृष्टिकोण की ओर' (mission of shifting cultivation: towards transformational approach) , नाम से एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसमें कृषि मंत्रालय को अंतर-मंत्रालयीय व्यवस्था के तहत स्थानांतरित खेती को मिशन के रूप में लेने की बात कही है । 

इस रिपोर्ट के अनुसार स्थानांतरित खेती करने के लिए उपयोग की गयी भूमि को कृषि भूमि (agriculture land) कै रूप में पहचाना जाना चाहिए। कारण, किसान इस भूमि पर जंगल के बजाय भोज्य उत्पाद हेतु कृषि-वानिकी का काम करते हैैं । 

उल्लेखनीय है कि स्थानांतरित खेती भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में प्रचलित है । इस खेती को स्थानीय रूप से झूम खेती  (jhum cultivation) के रूप में जाना जाता है । 

पूर्वात्तर भारत की अधिकांश जनसंख्या के लिए इस खेती को खाद्य उत्पादन का एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है । अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा और मणिपुर जैसे राज्यों में झूम खेती बहुतायत में की जाती है । 

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